अब घर घर जाकर जागरूकता बढ़ाएगा विभाग, अभिभावकों की करेगा मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए चल रही आवेदन प्रक्रिया में जिले की रफ्तार सुस्त नजर आ रही है। अब तक केवल 808 आवेदन ही जमा हो पाए हैं, जिसके चलते जिला आवेदन संख्या में पीछे चल रहा है। कम आवेदन को लेकर शिक्षा विभाग ने अब रणनीति बदलते हुए जमीनी स्तर पर फोकस बढ़ा दिया है। विभाग ने स्कूलों और शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे गांवों और शहरी वार्डों में घर-घर जाकर अभिभावकों को योजना की जानकारी दें और दाखिले की प्रक्रिया में उनकी मदद करें।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई अभिभावक योजना की पूरी जानकारी न होने के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का अवसर मिलता है लेकिन जागरूकता की कमी इसकी बड़ी बाधा बन रही है। स्थिति को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने अब जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। स्कूलों और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों और वार्ड स्तर पर जाकर अभिभावकों को योजना और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दें।
विभाग द्वारा सोशल मीडिया, पोस्टर और बैनर के माध्यम से भी लोगों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आरटीई योजना का लाभ उठाएं। गौरतलब है कि आवेदन प्रक्रिया 16 अप्रैल तक जारी रहेगी। विभाग को उम्मीद है कि जागरूकता अभियान के बाद आवेदन संख्या में तेजी आएगी और अधिक से अधिक बच्चे इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
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आरटीई योजना का लाभ हर बच्चे तक पहुंचे इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कुछ अभिभावकों को इस योजना के बारे में नहीं पता है ऐसे में शिक्षकों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वह फिल्ड में जाकर अभिभावकों को जागरूक करें। -इंदू बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम