प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना एनओसी रजिस्ट्री, तहसीलदार पर कार्रवाई की सिफारिश
सोहना। प्रतिबंधित क्षेत्र की बिना एनओसी रजिस्ट्री करने पर तहसीलदार सोहना पर जल्द ही प्रशासनिक गाज गिरेगी। यह कार्रवाई स्थानी लोगों द्वारा सीएम विंडो पर दी शिकायत के बाद शुरू हुई है। मामले में एसडीएम सोहना चिनार चहल ने सुनवाई करने के बाद जिला उपायुक्त अमित खत्री को तहसीलदार सोहना नेहा सहारण के खिलाफ कार्रवाई करने की लिखित सिफारिश की है। कार्रवाई की सिफारिश से तहसील कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में संलिप्त अन्य कई कर्मचारियों पर भी गाज गिरने की संभावना है।
विदित है कि सोहना तहसील विभाग अपनी कारगुजारियों को लेकर हमेशा चर्चित रहा है। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के कई मामले वर्तमान में भी प्रशासन व सरकार के समक्ष विचाराधीन है। प्रशासन ने सोहना तहसील सर्कल के अंतर्गत आने वाले करीब एक दर्जन गांवों को प्रतिबंधित एरिया घोषित किया हुआ है। प्रशासन ने ऐसे गांवों में धारा 7ए लगाई हुई है। ऐसे गांवों की रजिस्ट्रियां बगैर एनओसी पंजीकृत करना कानूनन अपराध है, लेकिन इसके बाद भी सोहना तहसील में प्रतिबंधित गांवों की रजिस्ट्रियां एनओसी के बगैर धड़ल्ले से पंजीकृत की जा रही हैं, जिसमे तहसील स्टाफ की मिलीभगत शामिल है। उक्त मामले की शिकायत स्थानीय लोगों ने जब सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री को दी तो अधिकारियों में हडकंप मच गया। उक्त मामले की जांच का जिम्मा सोहना एसडीएम को सौंपा गया। जिन्होंने मामले की जांच के बाद शिकायत को सही पाया, जिस पर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। एसडीएम चिनार चहल ने बताया कि बिना एनओसी रजिस्ट्री की शिकायत सीएम विंडो से प्राप्त हुई थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर सोहना तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश जिला उपायुक्त को की गई है।