मोनू मानेसर को नूंह पुलिस ने मानेसर के आईएमटी-1 से पकड़ा था। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से प्रोडक्शन बारंट पर राजस्थान पुलिस अपने साथ ले गई। पुलिस ने मोनू मानेसर के फेसबुक एकाउंट के पेज पर डाली गई एक भड़काऊ पोस्ट को हवाला बनाया था।
गोरक्षा, हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन और हत्या के आरोप में चर्चा में रहने वाले मोनू मानेसर को नूंह पुलिस ने मानेसर के आईएमटी-1 से धर दबोचा। मंगलवार दोपहर बाद पुलिस टीम द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच उसे नूंह कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने पहले उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजने का आदेश दिया।
विज्ञापन
हालांकि इसी बीच कोर्ट पहुंची राजस्थान पुलिस ने मोनू को प्रोडक्शन वारंट पर लिए जाने की अर्जी दाखिल कर दी। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि नासिर-जुनैद हत्याकांड में मोनू मानेसर से पूछताछ होनी है। कोर्ट के आदेश पर राजस्थान पुलिस मोनू को अपने साथ ले गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नूंह साइबर क्राइम थाना में 26 अगस्त को मोनू मानेसर के खिलाफ सिपाही मनोज कुमार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। सिपाही मनोज ने बताया था कि वह नूंह साइबर सैल में तैनात हैं। वह सोशल मीडिया पर डाली गईं पोस्ट की निगरानी काम करते हैं। 26 अगस्त को निगरानी के दौरान ही यह पाया गया कि मोहित मानेसर नामक एक फेसबुक प्रोफाइल पर एक भड़काऊ पोस्ट डाली गई है।
विज्ञापन
मनोज की इस शिकायत के बाद साइबर थाना नूंह पुलिस ने आरोपी मोहित उर्फ मोनू मानेसर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद से ही उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू हो गए थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस टीम को पता चला कि आरेापी मोनू मानेसर आईएमटी-1 मार्केट में घूम रहा है। इस पर सादे कपड़ों में पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को दबोच लिया। मोनू के पास से पुलिस को एक पिस्टल और तीन कारतूस भी मिले हैं। बरामद पिस्टल के लाइसेंस की जांच की जा रही है।
घंटों तक बयान देने से बचती रही पुलिस
मोनू मानेसर को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर मंगलवार दोपहर को ही फैल गई थी। इसे लेकर मीडिया ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। हालांकि गिरफ्तारी के कई घंटों बाद तक भी पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे।
इन धाराओं में किया गया गिरफ्तार
नूंह साइबर थाना पुलिस ने मोनू मानेसर को आईपीसी की धारा-153, 153ए, 265ए, 298, 504, 109 और आर्म्स एक्ट की धाराओं में गिरफ्तार किया है।
पेशी से पहले ही कचहरी बनी छावनी
मोनू मानेसर को पुलिस ने दोपहर बाद नूंह कोर्ट में पेश किया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पूरे कचहरी परिसर को ही जैसे छावनी में तब्दील कर दिया गया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजने का आदेश दिया।
प्रोडक्शन वारंट पर मोनू को साथ ले गई राजस्थान
नूंह कोर्ट में राजस्थान के डींग जिले की पुलिस टीम भी पहुंच गई। राजस्थान पुलिस ने न्यायाधीश को बताया कि फरवरी में हुए नासिर-जुनैद हत्याकांड में मोनू मानेसर का नाम शामिल है। आरोपी तभी से फरार चल रहा था। ऐसे में उससे पूछताछ होनी बाकी है। इसके साथ ही राजस्थान पुलिस ने कोर्ट में मोनू मानेसर को प्रोडक्शन वारंट पर उन्हें दिए जाने की अर्जी लगाई। अर्जी को स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने आरोपी को राजस्थान पुलिस को प्रोडक्शन वारंट पर दिए जाने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस टीम मोनू मानेसर को अपने साथ राजस्थान ले गई।
भड़काऊ पोस्ट के मामले में हुई थी गिरफ्तारी
मोनू के खिलाफ भडकाऊ पोस्ट का मामला दर्ज कराने वाला सिपाही मनोज बीती 28 अगस्त 2023 को होने वाली पुन: ब्रजमंडल यात्रा से पहले ही सोशल मीडिया की विभिन्न पोस्ट पर निगरानी के लिए लगाया गया था। 26 अगस्त 2023 को सिपाही मनोज कुमार की ओर से नूंह के साइबर क्राइम थाने में मोहित पुत्र ओमप्रकाश निवासी मकान नंर 52 मानेसर गुरुग्राम के खिलाफ तहरीर दी गई थी।
इसमें बताया गया था कि आरोपी मोहित उर्फ मोनू मानेसर ने अपने फेसबुक पेज पर ''परिणाम कि चिंता हम नहीं करते” वार एक ही होगा, पर आखिर होगा'' पोस्ट की है। फेसबुक अकाउंट होल्डर ने धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुष्प्रेरण द्वारा शत्रुता फैलाकर, अभद्र शब्दों का प्रयोग करके, पोस्ट व धार्मिक भावनाओं को ठेस पंहुचाकर व लोक शान्ति को भंग करने बारे पोस्ट डाली है। जांच में पाया गया कि मोहित उर्फ मोनू मानेसर ने अपने कई निक नेम से काफी फेसबुक आईडी बना रखी है।