जिला जेल भोंडसी में तैनात डिप्टी जेलर धर्मबीर चौटाला को बृहस्पतिवार को पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। सीआईए की टीम ने उनके घर पर छापा मारकर 230 ग्राम चरस और 11 सिमकार्ड (4जी) बरामद किए। वह इन्हें जेल में बंद कैदियों को उपलब्ध करवाने वाले थे।
पुलिस आयुक्त केके राव ने बताया कि डिप्टी जेलर के घर से एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है जो नशीला पदार्थ लेकर आया था। आरोपी डिप्टी जेलर पर 15 दिन से निगरानी रखी जा रही थी।
सीआईए की टीम डिप्टी जेलर व दूसरे व्यक्ति से पूछताछ कर रही है कि वह कब से इस नशे के गोरखधंधे को चला रहे थे। इसके पीछे और कौन-कौन हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
प्रदेश की मॉडल जेल में नशीले पदार्थ की आपूर्ति को लेकर पुलिस 15 दिन से निगरानी कर रही थी। बृहस्पतिवार दोपहर को एसीपी संदीप मलिक ने टीम के साथ जेल परिसर स्थित धर्मबीर चौटाला के घर पर छापा मारा।
पुलिस ने मौके से वजीराबाद निवासी रवि उर्फ गोल्डी को गिरफ्तार किया। वह लखनऊ का रहने वाला है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वे जेल में बंद अपराधियों को 4जी के सिम उपलब्ध कराते थे। जिससे वे इंटरनेट के माध्यम से व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया ऐप चलाते थे। इसकी बाकायदा रेट तय कर रखी थी।
एक सिम के बदले एक अपराधी से 20 हजार रुपये तक वसूलते थे। पूछताछ में पता चला है कि उनके कब्जे से बरामद चरस को वे 10 लाख रुपयों में जेल के अंदर खपाने वाले थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी डिप्टी जेलर पहले भी एक मामले में दोषी पाए जाने पर विभाग की ओर से निलंबित हो चुके हैं।