जिस बेटी को पढ़ा-लिखा काबिल बनाया उसी के काम के कारण बेटे का रिश्ता दो जगह बनते-बनते टूट गया था। इसी बात से परेशान होकर दीपक यादव ने अपनी बेटी राधिका यादव की गोली मारकर हत्या की थी। इस बात का खुलासा कमिश्नरेट की पुलिस ने बैंडमिंटन की राष्ट्रीय खिलाड़ी राधिका की हत्या की जांच के बाद अदालत में दाखिल चार्जशीट में किया है।
गुरुग्राम के सेक्टर-57 में रहने वाले दीपक यादव ने खाना बनाते समय अपने घर में 10 जुलाई को बेटी राधिका यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से यह मामला सोशल मीडिया पर सुर्खियों में बना हुआ था।
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की ओर से राधिका की सहेलियों व उसके फोन पर संपर्क में रहने वाले 150 मोबाइल फोन की सीडीआर जांच की गई थी। इसके साथ ही लव जिहाद की बात आने पर उस एंगल पर भी पूछताछ की गई।
पूरी जांच में कहीं पर पुलिस को कुछ नहीं मिला है। पुलिस ने अपनी चार्जशीट भाई-बहन के चैट को शामिल किया है। पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि पिता की ओर से बेटे का रिश्ता टूटने के बाद दीपक ने अपनी बेटी पर पाबंदियां लगा दी थीं। जिस दौरान भाई-बहन के चैट में राधिका के लिए भी शादी कराने की बात लिखी थी।
मामले की जांच कर रही टीम ने दीपक के दोस्तों से भी पूछताछ की है। इसके बाद इस नतीजे पर पहुंची कि राधिका की हत्या सम्मान के नाम पर ही की गई है। 17 अक्तूबर को अदालत में मामले की सुनवाई है। दीपक की ओर से वकील श्यामबीर होंगे।
राष्ट्रीय खिलाड़ी राधिका हत्याकांड की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी दीपक बेटी के काम से नाराज था। जिसके चलते परिवार में आने वाले रिश्तों पर असर पड़ रहा था। उसकी पाबंदियों को न मानने पर बेटी की हत्या को अंजाम दिया था। - यशवंत, एसीपी सदर, गुरुग्राम।