तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में गुरुग्राम में भारतीय मजदूर संघ और संबद्ध संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जिला उपायुक्त कार्यालय पर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
भारतीय मजदूर संघ की अखिल भारतीय कार्यसमिति की रांची में हुई बैठक में श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर 17 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने, ईएसआईसी की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने, ईपीएस पेंशन 7,500 रुपये करने के साथ डीए और चिकित्सा सुविधा देने की मांग उठाई। इसके अलावा ईपीएफ की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने तथा बोनस की गणना और पात्रता सीमा बढ़ाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई।
हरियाणा सरकार के समक्ष सौंपे गए मांग-पत्र में कच्चे कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा नियमों के दायरे में लाने और पात्र कर्मचारियों को नियुक्ति या ऑफर लेटर देने की मांग की गई। संविदा और ठेका कर्मचारियों को नियमित करने तथा नियमितीकरण होने तक समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग भी रखी गई। ज्ञापन में एचकेआरएनएल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सहकारिता, बिजली, परिवहन, आंगनबाड़ी, नगर निकाय तथा विकास एवं पंचायत विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों से जुड़ी मांगें शामिल की गई हैं। इनमें सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, वेतन, बोनस, ग्रेच्युटी, पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं और लंबित वेतन के भुगतान की मांग प्रमुख है।
प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ से संबंधित हरियाणा ऑटो चालक संघ ने भी ऑटो चालकों की समस्याएं उठाईं। मांग-पत्र में 26 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री की ओर से ऑटो चालकों और परिचालकों के लिए कल्याण बोर्ड गठित करने की घोषणा का उल्लेख करते हुए जल्द बोर्ड बनाने की मांग की गई। भारतीय मजदूर संघ ने सरकार से श्रमिकों और कर्मचारियों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।