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सर्वे के आधार पर विद्यार्थियों को बुलाएंगे निजी स्कूल

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गुरुग्राम। प्रदेश सरकार ने 16 जुलाई से 9वीं से 12वीं कक्षा तक विद्यार्थियों को स्कूलों में पढ़ाने आदेश जारी किए थे, लेकिन 50 फीसदी विद्यार्थी ही सरकारी स्कूलों में आ रहे हैं। वहीं निजी स्कूल सर्वे कराकर अभिभावकों की राय ले रहे हैं कि वे अपने बच्चों को स्कूलों में पढ़ाई के लिए भेजना चाहते हैं या नहीं है। अभिभावक ऑनलाइन माध्यम से ही बच्चों को पढ़ाने की बात कह रहे हैं। वहीं अगस्त माह के पहले सप्ताह में कई निजी स्कूलों द्वारा बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई कराने की तैयारी हैै।
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शहर के कई निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को बुलाया गया है, वहां पर सिर्फ 15 से 25 फीसदी विद्यार्थी ही आ रहे हैं। जबकि अन्य को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। शहर के अधिकतर निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि जब बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है तो स्कूलों में बुलाकर पढ़ाई कराने से क्या फायदा। इससे बच्चों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा।
निजी स्कूलों की अपनी-अपनी राय है कि वे विद्यार्थियों को बुलाए या नहीं। शहर के कई निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को बुलाया जा रहा है, लेकिन अधिकतर विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई ही कर रहे हैं। निजी स्कूल एसोसिएशन की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं कि निजी स्कूलों को खोला जाए या नहीं।
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राजीव कुमार, हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस के महासचिव
अधिकतर निजी स्कूल बच्चों को नहीं बुला रहे हैं। क्योंकि शिक्षकों को ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन भी पढ़ाना पड़ता हैै, जिससे पढ़ाई के काम का बोझ बढ़ जाता है। वहीं बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए सर्वे कराया गया था, जिसमें अधिकतर अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की असहमति दी थी।
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-डॉ.यशपाल यादव, हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष
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