हाईकोर्ट के आदेशों का अध्ययन कर रहा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ फेज-1 से फेज-5 तक अवैध निर्माण और रिहायशी मकानों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ दोबारा कार्रवाई शुरू हो सकती है। हरियाणा के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (डीटीसीपी) ने इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया आदेशों पर अध्ययन शुरू कर दिया है।
शहर में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के मामलों को लेकर जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने अपने-अपने क्षेत्रों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। हालांकि, यह कार्रवाई फिलहाल रुकी हुई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में 29 मई को इस मामले की सुनवाई हुई थी। इसके बाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग अदालत के आदेशों का अध्ययन कर रहा है। विभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में कुल 5,099 मकानों और प्लॉटों में विभिन्न प्रकार के नियम उल्लंघन पाए गए थे।
विभाग ने संबंधित संपत्ति मालिकों को कारण बताओ नोटिस और रेस्टोरेशन आदेश जारी किए थे। इनमें से 763 संपत्ति मालिकों ने अपनी आपत्तियां विभाग के समक्ष दाखिल की थीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हाईकोर्ट ने सभी प्रभावित पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में विभाग ने व्यापक स्तर पर नोटिस जारी कर आपत्तियां आमंत्रित की थीं।
जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन (डीटीपीई) अमित मधोलिया ने बताया कि विभाग हाईकोर्ट के आदेशों का अध्ययन कर रहा है। मुख्यालय से दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।