गुरुग्राम। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर अप्रैल से टैक्स बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करके मंत्रालय को भेज दिया गया है। इस बारे में तकनीकी रिपोर्ट ली जा रही है जबकि जमीन न मिलने के कारण इस टोल को दूसरी जगह शिफ्ट करने का मामला टलता जा रहा है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि तीन साल से रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। पिछले साल अप्रैल के महीने में टोल की दरों में संशोधन किया जाना था लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण टोल के रेट नहीं बढ़े थे। साथ ही टोल पर प्रबंधन की राशि में भी वृद्धि हो रही है। इसलिए बढ़ोतरी का प्रस्ताव है जिसे हाईवे का प्रबंधन कर रही कंपनी ने मंत्रालय को भेज दिया है। इस पर विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर अगले दस दिन में निर्णय लिया जाना है कि रेट बढे़ंगे या नहीं। बढ़ेंगे तो छोटे, बड़े और कॉमर्शियल वाहनों के टोल का रेट क्या रहेगा।
रोजाना 75 हजार वाहन गुजरते हैं
यहां से प्रतिदिन करीब 75 हजार वाहन गुजरते हैं। इनमें से 25000 वाहन कॉमर्शियल हैं। इस स्थान पर टोल को लेकर मानेसर के लोगों का विरोध है। उनका कहना है कि यहां का टोल दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। क्योंकि टोल के कारण सड़क जाम हो जाती है। इस सुझाव को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मान भी लिया है लेकिन जमीन न मिलने के कारण यह प्रकरण अटका हुआ है। जिस जमीन को प्रस्तावित किया गया था, उस पर किसानों का स्टे है। अब इसके लिए नई जमीन तलाशी जा रही है।
ये हैं प्रस्तावित टोल रेट
मंत्रालय को भेजे गए टोल रेट में निजी कारों को प्रत्येक यात्रा के लिए 5 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। मासिक पास में 25-30 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में, ट्रक, बसों और मल्टी-एक्सल वाहनों के चालकों को टोल के रूप में 185 रुपये का भुगतान करना पड़ता है जिसमें पांच रुपये की बढ़ोतरी के साथ 190 रुपये तक किया जा सकता है। इसी तरह, 40 यात्राओं के लिए मासिक पास की लागत में निजी कारों के लिए 25 रुपये, 35 रुपये की वृद्धि का प्रस्ताव है। वाणिज्यिक वाहनों में बसों, ट्रकों और मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए 80 रुपये की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।
दूसरी ओर, आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी का कहा है इस स्थान पर टोल के रेट बढ़ाना गलत है। इसे लोगों पर अतिरिक्त टैक्स थोपना माना जाएगा। जबकि यहां से टोल को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाना चाहिए। यह टोल आबादी क्षेत्र में है। अब तक केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा है कि शहर की सीमा से टोल को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करने के लिए विकल्प तलाशे जाएं।