गुरुग्राम। मानसून से पहले जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत निरीक्षण, रैपिड फीवर सर्वे और जल स्रोतों में गम्बूसिया मछली छोड़ने की योजना बनाई गई है, जो मच्छरों के लार्वा को खत्म करने में मदद करती है।
स्वास्थ्य विभाग के उप सिविल सर्जन डॉ. जेपी राजलीवाल ने बताया कि शहर के करीब 204 जल स्रोतों में गम्बूसिया मछली डाली जा चुकी है। इसके साथ ही मई से अक्तूबर तक विशेष अभियान चलाकर फॉगिंग, लार्वा जांच और संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग की जाएगी। पिछले वर्ष 64 डेंगू और 8 मलेरिया के मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में 186 डेंगू और दो मलेरिया मामले दर्ज किए गए थे। राहत की बात यह रही कि किसी भी वर्ष में मौत नहीं हुई। वजीराबाद, गढ़ी हरसरू, दौलताबाद, नखरोला, बादशाहपुर और पटौदी को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पानी जमा न होने देने और समय पर इलाज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ब्यूरो