संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। श्री दुर्गा रामलीला के मंचन को लेकर कलाकारों की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। दिनभर की व्यस्तता के बाद भी कलाकार देर रात तक रिहर्सल में जुटे हुए हैं और अपने-अपने पात्रों को जीवंत बनाने के लिए लगातार अभ्यास कर रहे हैं।
रिहर्सल के दौरान कलाकारों के संवाद, भावाभिव्यक्ति, आवाज की मधुरता, सुर और ताल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्देशक अशोक सौदा और तेजिन्दर सैनी कलाकारों के साथ दिन-रात मेहनत कर उनकी छोटी-छोटी कमियों को सुधारने तथा अभिनय को अधिक प्रभावशाली बनाने में जुटे हैं।
निर्देशकों का कहना है कि रामलीला में केवल संवाद बोलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र के भाव, चरित्र और उसकी गरिमा को मंच पर जीवंत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से कलाकारों को लगातार अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जा रहा है। 9 अक्तूबर से श्री दुर्गा रामलीला कमेटी में रामलीला का मंचन शुरू होगा। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कपिल सलूजा ने बताया कि इस बार रामलीला का मंच नए रूप में नजर आएगा। दर्शकों को रामलीला के पारंपरिक स्वरूप के साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से सनातन संस्कृति की भव्य झलक देखने को मिलेगी। रामलीला के सभी कलाकार और सदस्य दिन-रात एक कर तैयारियों में जुटे हैं।