जामा मस्जिद, ईदगाह मैदान में दो बार और लेजर वैली में तीन बार जुमे की नमाज पढ़ी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रमजान महीने के दूसरे जुमे की नमाज अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में पढ़ी गई। लेजर वैली ग्राउंड, जामा मस्जिद, ईदगाह मस्जिद और शंकर चौक पर सर्वाधिक नमाजी एकत्रित हुए। जामा मस्जिद, ईदगाह मैदान में दो बार और लेजर वैली में तीन बार जुमे की नमाज पढ़ी गई।
जामा मस्जिद के इमाम जान मुहम्मद ने कहा कि रमजान इबादत, रहमत, संयम, सब्र और रहमतों का महीना है। रमजान का दूसरा अशरा (11 से 20 दिन) मगफिरत का होता है। जब लोग अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। अल्लाह रोजेदारों की गलतियों को माफ करता है और उन पर रहमतों की बरसात करता है। हम सबको अपने गुनाहों को कबूल कर खुदा से उसके लिए माफी मांगनी चाहिए। लेजर वैली में जुमे की नमाज के दौरान मो. तौकिर अल्वी ने कहा कि रमजान का सूत्र वाक्य दूसरों का दर्द समझना है। आपसी प्रेम और भाईचारे का जज्बा बनाए रखते हुए सबकी मदद करनी चाहिए। शंकर चौक, कब्रिस्तान वाली मस्जिद, पालम विहार व अन्य इलाकों की मस्जिदों में भी जुमे की नमाज पढ़ी गई। सदर बाजार में रोजेदार नमाज के बाद खरीदारी करते नजर आए।