जमीन को खोदे बिना केबल में कट, शॉर्ट सर्किट का चलेगा पता
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिजली निगम ने अब केबल फॉल्ट लोकेटर मशीनें खुद खरीदने का निर्णय लिया है। इसके पहले ऐसी मशीनें निजी क्षेत्र में थीं। इन मशीनों के इस्तेमाल से गुरुग्राम में भूमिगत केबल में खराबी आने पर उसे खोजने में लगने वाला लंबा समय बचेगा और लोगों को घंटों के बिजली संकट से बड़ी राहत मिलेगी। कर्मियों का कहना है कि अपनी मशीनें होने से इसे एक जगह से दूसरी जगह जांच के लिए ले जाना आसान होगा। खास तौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे और मानेसर के नए सेक्टरों की सोसाइटियों में दूर दराज के केबल आने के कारण फॉल्ट ढूंढने में लंबा समय लग जाता है।
इस तरह काम करती हैं मशीनें
भूमिगत केबल की खराबी का पता लगाने के लिए अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट लोकेटर का उपयोग किया जाता है। यह मशीन टीडीआर (टाइम डोमेन रिफ्लेक्टोमीटर) और सर्ज वेव जनरेटर तकनीक पर आधारित होती हैं, जो जमीन को खोदे बिना केबल में कट, शॉर्ट सर्किट या अर्थ फॉल्ट की सटीक दूरी का पता लगाती हैं। यह मशीन केबल के एक छोर से पल्स भेजती हैं। जहां भी फॉल्ट होता है, वहां से सिग्नल वापस लौट आता है। इससे खराबी की सटीक दूरी (जैसे 50 मीटर या 2 किमी) स्क्रीन पर आ जाती है दूरी पता चलने के बाद, एक पिनपॉइंटर और अर्थ इम्पैक्ट रिसीवर के माध्यम से जमीन के ऊपर चलकर उस विशेष स्थान का पता लगाया जाता है जहां से फॉल्ट की आवाज या सिग्नल मिल रहा हो।
फरीदाबाद में ऐसी मशीन आ गई हैं। गुरुग्राम में भी इसे लाएंगे। इससे अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट संबंधित समस्याओं का निपटारा शीघ्र हो सकेगा। कर्मियों की फॉल्ट ढूंढने की मशक्कत भी कम हो जाएंगी। खासतौर नए गुरुग्राम और औद्योगिक क्षेत्र में केबल फॉल्ट को ढूंढने में समय लगता है। इससे फॉल्ट के कारण होने वाली बिजली कटौती में भी कमी आएगी। -पीके चौहान, मुख्य अभियंता, बिजली निगम