राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर होगी तालाबों की पहचान और सीमांकन, सर्वे एजेंसी की नियुक्ति के लिए एमसीजी ने तैयार किया आरएफपी
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) अपने क्षेत्र के तालाबों और जलाशयों की जमीन का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगा। इसके लिए विशेष सर्वे एजेंसी और कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार किया गया है।
इस सर्वे में राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर तालाबों की पहचान और सीमांकन होगा। डीजीपीएस, टोटल स्टेशन सर्वे और ड्रोन के माध्यम से भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य तालाबों का संरक्षण, निगरानी, पुनरुद्धार और बेहतर प्रबंधन करना है। सर्वे से सभी तालाबों की डिजिटल इन्वेंट्री तैयार होगी। एजेंसी जमाबंदी और अन्य उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड जुटाएगी। तालाबों की जमीन पर मौजूद अतिक्रमण और अन्य निर्माणों की भी पहचान की जाएगी। इसमें स्थायी, अस्थायी और अर्धस्थायी कब्जों का रिकॉर्ड बनेगा। प्रत्येक तालाब को एक अलग पहचान संख्या (पॉन्ड आईडी) दी जाएगी।
तालाबों के विकास पर जोर : आयुक्त
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि कई तालाबों का सुधार कर बीते मानसून के दौरान उनमें 15.51 करोड़ लीटर वर्षा जल संग्रह किया। तालाबों की पहचान, विकास, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने संबंधी कार्रवाई और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। तालाबों का सर्वे होने से उनकी वास्तविक स्थिति, जमीन और अतिक्रमण की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। उपलब्ध इन्वेंटरी के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में कुल 140 तालाब हैं। इनमें एमसीजी, ग्राम पंचायत और एमसीजी/एचएसवीपी से संबंधित 112 तालाबों में से 30 विकसित हो चुके हैं, जबकि 21 तालाबों का विकास कार्य चल रहा है। 61 पर काम किया जाना हैं।