गुरुग्राम। मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही प्रदूषण ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। स्थिति यह रही कि एक दिन पहले के मुकाबले शुक्रवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 39 सस्पेंडेड पर्टिकुलर मैटर (एसपीएम) तक बढ़ गया। सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था। सुबह से ही कोहरे का असर देखने को मिल रहा था, जिसका नतीजा यह रहा कि दिन में प्रदूषण में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई और एक्यूआई बढ़कर 256 एसपीएम पर पहुंच गया।
एक दिन पहले एक्यूआई 217 एसपीएम पर बना हुआ था। प्रदूषण बढ़ने के कारण अस्पतालों में भी अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही, जिनमें अधिकांश सांस व दमा रोग से संबंधित मरीज ही पहुंचे। शुक्रवार को दिन में अच्छी धूप भी नहीं खिली, जिससे वायु गुणवत्ता की स्थिति खराब ही रही। सबसे ज्यादा प्रदूषण शहर के बीचोंबीच स्थित विकास सदन में रहा, जहां पर एक्यूआई 310 दर्ज किया गया।
वहीं, इस मामले में सेक्टर-51 का इलाका दूसरे नंबर पर रहा, जहां एक्यूआई 298 दर्ज किया गया जबकि टेरी ग्राम में प्रदूषण सबसे कम रहा। यहां पर एक्यूआई की स्थिति 181 दर्ज की गई। वहीं आम तौर पर स्वच्छ रहने वाले ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में एक्यूआई 254 दर्ज किया गया। जिस तेजी से तापमान गिर रहा है, उसको देखते हुए आगामी दिनों में प्रदूषण में और भी बढ़ोतरी होने की आशंका है। अन्य दिनों के मुकाबले शुक्रवार को दिन में धूप भी नहीं खिली, जिससे हालात और भी खराब रहे और प्रदूषणकारी कण सतह पर रहे।
पारस अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट डॉ. अरुणेश कुमार का कहना है कि संक्रमण काल में प्रदूषण व कोरोना से बचने के लिए मास्क का उपयोग सबसे बेहतर विकल्प है। प्रदूषण को देखते हुए आउटडोर एक्सरसाइज से बचें। प्रदूषण बढ़ने से सांस व दमा रोगियों की संख्या में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है।