- वारदातों के बाद साइबर सिटी से भाग जाते हैं अपराधी, ढूंढने में करनी पड़ती है मशक्कत
प्रवीन कुमार
गुरुग्राम। साइबर सिटी में पीजी, गेस्ट हाउस और घरों में रहने वाले किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग किरायेदार बनकर रहते हैं और वारदात को अंजाम देकर गुरुग्राम से भाग जाते हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरुग्राम में हुई आपराधिक घटनाओं में हरियाणा के कई जिलो के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशाें और नेपाल के अपराधी शामिल होते हैं। जब पुलिस मामले में छानबीन करती है तो इन अपराधियों का गुरुग्राम के किसी पीजी या गेस्ट हाउस में ठहरने का खुलासा होता है। या फिर वे किसी घर में घरेलू सहायक के तौर पर काम कर रहे होते हैं।
बाहरी लोगों द्वारा अंजाम दी गईं वारदातें
- दो अगस्त को सरस्वती कुंज सेक्टर-53 स्थित एक घर में घरेलू सहायिका का काम करने वाली मूलरूप से नेपाल निवासी नेहा नाम की युवती ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर करीब 30 लाख रुपये के आभूषण, 1.50 लाख रुपये नकदी और पिस्टल चोरी कर लिए थे।
- गायक राहुल फाजिलपुरिया पर फायरिंग मामले की जांच में सामने आया कि आरोपी गेस्ट हाउस में ठहरे थे और रेकी करने में सोनीपत निवासी विशाल की आईडी लगाई गई थी।
- न्यू कॉलोनी क्षेत्र स्थित घर से गहने चोरी करने वाले घरेलू सहायक को सेक्टर-17 अपराध शाखा की पुलिस ने 13 जुलाई को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार किया है।
- बजघेड़ा थाना के अंतर्गत न्यू पालम विहार स्थित एक घर से 10 फरवरी को एक घरेलू सहायिका करीब 35 तोले सोना, एक किलो चांदी व 15 लाख रुपये नकदी लेकर चली गई थी। घरेलू सहायिका का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था, ऐसे में वह पुलिस पकड़ से बाहर है।
- 15 अप्रैल को सेक्टर-31 स्थित रहेजा अटलांटिक सोसाइटी स्थित एक फ्लैट से नेपाल मूल का रमेश नामक युवक 25 लाख रुपये नकदी बैग में भरकर ले गया। युवक फ्लैट में करीब सात माह से काम करता था।
- 11 सितंबर 2024 को सेक्टर-4 स्थित एक कोठी से घरेलू सहायिका ने अपने साथियों के साथ मिलकर गहने व नकदी चोरी की थी। जिसकी कीमत करीब पांच करोड़ रुपये थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि घरेलू सहायिका का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था।
होटल वाले नहीं देते सी-फार्म
शहर के कई पीजी, गेस्ट हाउस व होटलों में विदेशी नागरिकों के ठहरने की सूचना संचालकों द्वारा संबंधित थाने को नहीं दी जाती। वहीं, सी-फार्म भी नहीं भराया जाता है। जब सूचना के आधार पर पुलिस संबंधित पीजी, गेस्ट हाउस व होटल का रिकॉर्ड जांचती है तो बिना सी-फार्म भरे ही गेस्ट हाउस या होटल में विदेशी नागरिक ठहरे मिलते हैं। ऐसे में गेस्ट हाउस या होटल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
अपराधी भी ठहरते हैं गेस्ट हाउस या होटल में
कई बार पुलिस की जांच में सामने आया है कि किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने आए अपराधी गुरुग्राम में ही गेस्ट हाउस या होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस सत्यापन नहीं होने के कारण अपराधियों की पहचान नहीं हो पाती है। ऐसे में अपराधी या बदमाश कुछ दिन किराये पर रहकर रेकी करते हैं और वारदात को अंजाम देकर यहां से चले जाते हैं। ऐसे मामलों में आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
वर्जन
किरायेदारों का पुलिस सत्यापन कराने के लिए पीजी, गेस्ट हाउस संचालकों को कहा गया है। संबंधित थानों में संचालक सत्यापन कराएंगे तो पूरा रिकॉर्ड पुलिस के पास उपलब्ध होगा। इससे जिले में आपराधिक घटनाओं पर भी रोक लगने में सहयोग मिलेगा।
- संदीप कुमार, पुलिस प्रवक्ता