प्लास्टिक दानों की बोरियों के नीचे छिपाकर ओडिशा से भिवाड़ी ले जाया जा रहा था गांजा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पुलिस ने कार्रवाई में करीब सवा करोड़ रुपये कीमत का 673 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। यह गांजा प्लास्टिक दानों की बोरियों के नीचे छिपाकर ओडिशा से भिवाड़ी ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तस्करी में प्रयुक्त टाटा ट्रक भी जब्त किया गया है।
उप-निरीक्षक अरुण के नेतृत्व में अपराध शाखा सेक्टर-65 की टीम को आरोपियों के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने राजीव चौक, गुरुग्राम के पास टाटा ट्रक को रोका। जांच के दौरान ट्रक में चालक साबिर और क्लीनर सनावर मौजूद मिले। ट्रक की तलाशी लेने पर प्लास्टिक दानों की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया गांजा मिला। कुल 23 बोरियों में 673 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत 1.25 करोड़ रुपये है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ सदर थाना, गुरुग्राम में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
गांजा तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए प्लास्टिक दानों की बोरियों के नीचे गांजा छिपाया था। बरामद गांजे के साथ 767 प्लास्टिक दानों के बैग और 15 पोट भी मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय साबिर और 19 वर्षीय सनावर के रूप में हुई है। साबिर खैरथल, राजस्थान के उदयपुर गांव का निवासी है, जबकि सनावर मिर्जापुर, खैरथल का रहने वाला है। साबिर स्वयं ट्रक का मालिक और चालक है। उसने सनावर को 20 हजार रुपये प्रतिमाह पर क्लीनर रखा था।
ओडिशा से भिवाड़ी तक का नेटवर्क
प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ओडिशा से गांजा भरकर भिवाड़ी, राजस्थान में आपूर्ति करने जा रहे थे। इस काम के लिए उन्हें अपने अन्य साथियों से दो लाख रुपये मिलने थे। आरोपी साबिर गांजा लेने के लिए विमान से ओडिशा गया था। यह गिरोह पहले भी दो बार प्लास्टिक दानों के बीच गांजा छिपाकर तस्करी कर चुका है। गुरुग्राम पुलिस ने इस बार उन्हें तीसरी बार गांजा आपूर्ति करने से पहले ही पकड़ लिया। एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दस दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे गांजे की आपूर्ति के स्रोत और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस का लक्ष्य इस अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोगों को बेनकाब करना है। आमजन से अपील की गई है कि वे नशा तस्करी या किसी भी संदिग्ध अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। यह कार्रवाई अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस के अभियान का हिस्सा है।