गूगल पर हर नंबर सही नहीं होता, सर्च करने के दौरान असली-नकली की जांच जरूर करें। ठगों ने साइबर की दुनिया में अपना जाल बिछा रखा है। हमारी सतर्कता ही हमें ठगी की वारदात से बचा सकती है। ये बातें एसएन सिद्वेश्वर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल सेक्टर-9ए में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला के दौरान एसीपी ओल्ड सिटी मनोज कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि यहां पर सिखाई जाने वाली बातों की जानकारी अपने परिवार के बुजुर्गों को जरूर दें।
साइबर एक्सपर्ट ने छात्रों को बताया कि इंटरनेट के जरिये ज्ञान हासिल करें, उपयोग करें लेकिन दुरुपयोग नहीं। कोई आपको वीडियो कॉल, वाट्सएप कॉल या ऐसे फोन करके धमका रहा हो, दोस्ती नहीं करने पर वीडियो अपलोड करने की धमकी दे रहा हो तो बिलकुल डरें नहीं, अपने माता-पिता, अध्यापक को इसके बारे में बताएं। साइबर पुलिस की मदद से ऐसा करने वालों को ढूंढ निकाला जाएगा। किसी अनजान व्यक्ति के वीडियो कॉल को न उठाएं। 18 साल से कम उम्र के लोगों का फेसबुक में अकाउंट बनाना गैरकानूनी है।
अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसएचओ जसवीर सिंह ने छात्रों को साइबर कानून की जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक रूप में सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों के साथ हो रहे अपराध से बचाव और सतर्क रहने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी के बारे में आपत्तिजनक बात या फोटो, वीडियो डालना अपराध है। किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया में साझा करते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मदद के लिए उनके अभिभावक, अध्यापक और पुलिस हमेशा है। इसलिए इस तरह की किसी समस्या को मन में नहीं रखें, उसे साझा करें।
साइबर एक्सपर्ट विकास कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी भी अकाउंट की सुरक्षा के लिए टू फैक्टर ऑथेटिकेशन का प्रयोग सुरक्षित होता है। इसके तहत अगर किसी ने आपसे आपके अकाउंट का पासवर्ड ले भी लिया तो भी वह अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर आपका वाट्सएप नहीं चला सकेगा। क्योंकि, इसमें दो बार पासवर्ड की सुविधा होती है और दूसरा पासवर्ड केवल आपके पास होता है। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। स्कूल के प्रधानाचार्य संगीता सब्बरवाल ने अतिथियों का स्वागत किया।