संस्थान, अस्पताल, यूनिवर्सिटी से अपने यहां रहने वालों का ब्योरा मांगा गया
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। कमिश्नरेट के अलग-अलग जोन में रहने वाले कश्मीर के संदिग्ध लोगों पर पुलिस की नजर है। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने सभी डीसीपी को निर्देश दिया है कि वह अपने क्षेत्र में रहने वाले कश्मीर से जुड़े संदिग्ध लोगों का रिकाॅर्ड लें और कश्मीर पुलिस से इसका वेरिफिकेशन कराए। इसके चलते कमिश्नरेट की पुलिस ने अलग-अलग 200 से अधिक संस्थान, अस्पताल, यूनिवर्सिटी को मेल भेज कर अपना यहां रहने वालों का ब्योरा मांगा है। मिलने वाले पते के आधार पर कश्मीर पुलिस को भेजकर उसका वेरिफिकेशन किया जाएगा। दिल्ली में हुए बम धमाके और पुलिस की ओर से भेजे मेल के बाद लोग सतर्क हैं।
कमिश्नरेट की पुलिस ने सुरक्षा को लेकर अलग-अलग क्षेत्र में रहने वाले कश्मीर के संदिग्ध लोगों को रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस कश्मीर के लोगों काे रिकॉर्ड लेकर उनका पता लगाएगी। अब तक 50 से अधिक संस्थानों से ब्योरा मिल चुका है। बुधवार को अन्य जगह से आने की उम्मीद है।
एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि सभी लोग खराब नहीं हैं। संदिग्ध लोगों के ही रिकाॅर्ड खंगालने का उद्देश्य है। इसके साथ पुलिस अपना डाटा मजबूत रखना चाहती है।
मौसम के साथ आने वाले व्यापारियों पर नजर
पुलिस की ओर से हर साल जाड़े के मौसम में आने वाले कश्मीर के संदिग्ध लोगों का भी रिकाॅर्ड लिया जा रहा है। बहुत से काॅलोनी में ऊनी सामान व सूखा मेवा बेचने वालों का अपना ठिकाना होता है। मौसम परिवर्तन के चलते वह आने लगे हैं। पुलिस की ओर से उनका पहचान पत्र लेकर कश्मीर पुलिस को भेजा जाएगा।
पुलिस की ओर से सभी कश्मीर से जुड़े संदिग्ध लोगों का रिकाॅर्ड लेकर उनका वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इसके चलते संदिग्ध लोगों की तलाश की जा रही है।
- डॉ. अर्पित जैन, डीसीपी हेडक्वार्टर, गुरुग्राम