पहले क्षमता 300 टन हुआ करती थी जो अब बढ़ाकर 1200 टन कर दी गई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में भवन निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे का अब तेजी से ठोस निस्तारण किया जाएगा। नगर निगम की ओर से बसई प्लांट की क्षमता बढ़ाई गई है। पहले इसकी क्षमता 300 टन हुआ करती थी जो अब बढ़ाकर 1200 टन कर दी गई है। मुख्यालय से मिली मंजूरी के बाद शहर में चारों ओर फैले कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (सीएंडडी) वेस्ट को उठाकर प्लांट तक लाने का काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद नगर निगम (एमसीजी) को यह अनुमति एक साल के लिए मिली है जिससे शहर में जमा 12 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा मलबे को साफ करने में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम में लगातार हो रहे निर्माण और तोड़फोड़ की वजह से बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो रहा था। बसई प्लांट में अभी तक सिर्फ 300 टन मलबे का ही हर दिन निपटारा हो रहा था जो कि शहर की जरूरत के हिसाब से बहुत कम था। इस वजह से सड़कों के किनारे, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक जगहों पर मलबे के बड़े-बड़े ढेर लग गए थे जिससे प्रदूषण और गंदगी की समस्या बढ़ रही थी। नगर निगम ने इस समस्या को देखते हुए तीन महीने पहले प्लांट की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। नगर निगम के पत्र के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी ने यह निर्णय लिया है। इस मामले को अब कैबिनेट की उप-समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जाएगा जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। हालांकि शहर में मलबे के ढेरों को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक साल के लिए यह अनुमति दी है।
यह होंगे फायदे
गंदगी से मुक्ति : अब निगम शहर में जमा हुए मलबे को तेजी से हटा पाएगा जिससे शहर साफ-सुथरा दिखेगा और प्रदूषण कम होगा।
स्वास्थ्य में सुधार : मलबे के ढेर से उड़ने वाली धूल से सांस की बीमारियों में कमी आएगी जिससे लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा।
आवाजाही सुधरेगी : सड़कों के किनारे से मलबा हटने से ट्रैफिक सुगम होगा और लोगों को आवाजाही में आसानी होगी।
पर्यावरण संरक्षण : मलबे के सही निपटारे से पर्यावरण को होने वाला नुकसान कम होगा। इस मलबे को रीसाइकल करके निर्माण सामग्री बनाई जाती है जिससे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है। इस अनुमति के बाद नगर निगम बसई प्लांट में जमा मलबे का निपटारा तेजी से करेगा।
शहर में मौजूद है 12 लाख टन मलबा
शहर में सेक्टर-29, सेक्टर-10 ऑटो मार्केट, गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड, खुशबू चौक, द्वारका एक्सप्रेसवे सहित सैकड़ों जगहों पर मलबे के ढेर लगे हुए हैं। निगम की तरफ से निजी एजेंसी से मलबे के ढेरों का सर्वे करवाया गया था जिसमें पता चला कि करीब 12 लाख टन मलबा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है। निगम ने मलबा निस्तारण का काम 2017 से आईएलएंड एफएस कंपनी को दिया हुआ है। एजेंसी की तरफ से अभी तक एक दिन में सिर्फ 300 टन मलबे का ही निस्तारण किया जा रहा था। अब इसकी क्षमता बढ़ने से यहां 1200 टन मलबा एक दिन में निस्तारित हो पाएगा।
मलबा निस्तारण प्लांट की क्षमता बढ़कर 1200 टन प्रतिदिन हो गई है। एक साल के लिए सरकार से मिली अनुमति के बाद एजेंसी की ओर से शहर में जगह-जगह फैले मलबे को उठाया जा रहा है।
- सुंदर श्योराण, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम