गुरुग्राम। किसान आंदोलन के मुद्दे पर विपक्षी दलों के रवैये को लेकर सीएम मनोहरलाल ने शुक्रवार को विपक्षी नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बड़े किसानों को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि 10,20-50 हजार बड़े किसानों के हितों को नहीं बल्कि प्रदेश के 17 लाख किसानों को देखकर हमें योजनाएं तैयार करनी हैं। मुख्यमंत्री शनिवार को गांव दौलताबाद में कृषि संस्थान के शिलान्यास के मौके पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
तीनों कृषि सुधार कानूनों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का यह विरोध राजनीति से प्रेरित है। राजनीतिक उद्देश्यों को लेकर सभी पार्टियां सत्ताधारी दलों की नीतियों का विरोध करती हैं। हम अगर विपक्ष में रहे, कोई और सत्ताधारी दल कुछ नया करता है तो हम भी कुछ कमियां निकालेंगे। सही मायने में इन कानूनों पर चर्चा कांग्रेस की सरकार में ही शुरू हुई थी। सीएम ने कहा कि सत्ताधारी दल का विरोध एक सीमा तक होना चाहिए। लोकतंत्र में मर्यादा नहीं तोड़ा जाना चाहिए। इस हरकत को जनता कभी माफ नहीं करेगी।