गांव दौलताबाद में बनने वाले चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय हिसार के इंस्टीट्यूट ऑफ ?
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गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने शनिवार को गांव दौलताबाद में इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड एग्रीप्रेन्योरशिप संस्थान की आधारशिला रखी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की तरफ से उक्त संस्थान का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान हरियाणा प्रदेश में तो अनूठा है ही, देश में भी इसके मुकाबले का संस्थान नहीं है। कहा कि इस संस्थान के माध्यम से लोगों को कृषि उत्पादों को बेचने और उनके प्रबंधन के पूरे अवसर मिलेंगे। वर्तमान में कृषि जोत भूमि छोटी होती जा रही है और ऐसे में हमें थोड़ी भूमि में नई तकनीक अपनाकर कृषि से ज्यादा लाभ अर्जित करने पर विचार करना होगा। इस बारे में योजनाएं बनानी पड़ेंगी और किसानों को भी फसलों में विविधकरण अपनाना होगा। कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की भलाई के लिए तमाम काम कर रही है। इस मौके पर बादशाहपुर विधायक व हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज के चेयरमैन राकेश दौलताबाद ने कहा कि कृषि संस्थान से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट होगा।
पैरी अर्बन एग्रीकल्चर अपनाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली एनसीआर की करीब 4 करोड़ की आबादी की खाद्यान्न संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसानों को पैरी अर्बन एग्रीकल्चर अपनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि दौलताबाद में जिस संस्थान की आधारशिला रखी गई है उसमें पांच प्रकार के पाठ्यक्रम होंगे। इनमें एग्री बिजनेस मैनेजमेंट, रूरल मैनेजमेंट, बिजनेस मैनेजमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप मैनेजमेंट और कॉपरेटिव मैनेजमेंट के कोर्स शामिल हैं।
लुवास के साथ योजनाओं पर चल रहा काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के साथ भी योजनाओं पर काम चल रहा है। करनाल में बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है किसान को समय पर बीज व खाद दिलाने के लिए उसकी ट्रैकिंग की जाएगी। इस मौके दौलताबाद व आसपास के 12 गांवों के सरपंचों ने मुख्यमंत्री को पगड़ी भेंटकर सम्मानित किया।
प्रदेश में बनाए गए हैं 486 एफपीओ
कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने कहा कि आज शब्दकोश में एग्रीप्रेन्योरशिप एक नया शब्द जुड़ गया है जो एग्री बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप से मिलकर बना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार रबी और खरीफ की 9 फसलें एमएसपी पर खरीद रही है। उन्होंने बताया कि एग्री बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 486 फार्मर प्रोड्यूस ऑर्गनाइजेशन(एफपीओ)बनाए गए हैं। हाल ही में बनाए गए एग्री इंफ्रा फंड के तहत किसानों ने लगभग 200 करोड़ के प्रोजेक्ट तैयार करके जमा करवाएं हैं। माइक्रो इरीगेशन की योजना पहले ट्यूबवेल के लिए थी लेकिन अब नहरी पानी के लिए भी योजना बनाई गई है, जिसमें उपकरणों पर 85 फीसदी की सब्सिडी दी जाती है। इसके लिए पोर्टल खोल दिया गया है, जिसमें दक्षिण हरियाणा के किसानों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।