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Gurugram News: फाइलों में गति संकेतक लगाने की योजना, सड़कों पर फर्राटा भर रहे वाहन

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आरटीए की ओर से गति सीमा तय संबंधी सूचना अधिसूचित किए जाने के बाद भी भी नहीं लगे साइनेज
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सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में उठा था मामला

मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। साइबर सिटी की सड़कों पर मनमाने तरीके से वाहन फर्राटा भर रहे हैं, जबकि शहर की सड़कों पर गति सीमा संबंधी बोर्ड लगाने की योजना फाइलों में है। आरटीए ने पिछले साल ही सभी सड़कों पर गति सीमा तय कर सूचना को अधिसूचित कर दिया था। इसमें जीएमडीए, नगर निगम और लोक निर्माण समेत अन्य विभागों को अपनी सड़कों पर स्पीड लिमिट संबंधित बोर्ड लगवाने थे।
शहर की सड़कों पर गति संकेतक का अभाव है। ऐसे में वाहन चालक मनमर्जी से वाहन चलाते हैं। इससे हादसे होने की आशंका बनी रहती है। पहले कुछ विभागों ने अपने स्तर पर सड़कों पर गति सीमा संबंधी संकेतक लगाए थे लेकिन यह छोटे वाहनों के लिए ही थे। पहले जिला सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में यह मामला उठाने पर उपायुक्त ने अपने स्तर पर कुछ सड़कों की गति सीमा तय की थी।
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हालांकि शहर की सड़कों पर गति सीमा तय करने की जिम्मेदारी प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के पास है। इस पर आरटीए ने पिछले साल जनवरी में जिले की सड़कों की गति सीमा को नोटिफाई कर दिया था। इसके बाद इस पर किसी विभाग ने काम नहीं किया। शहर की सभी प्रमुख सड़कें गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की हैं। हालांकि एनएच-48, गुरुग्राम-सोहना हाईवे और द्वारका एक्सप्रेसवे पर तय गति संबंधी बोर्ड लगे हैं।
वहीं, शहर की कुछ सड़कों पर पहले के साइनेज लगे हैं। हाल में उपायुक्त अजय कुमार की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में वाहनों की स्पीड लिमिट पर चर्चा हुई थी, हालांकि इस बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका है और अगली बार दोबारा चर्चा होगी।






चालान में आती है परेशानी

हाईवे पर छोटे व भारी वाहनों के लिए गति सीमा संबंधी संकेतक लगे हैं। वहीं, शहर की अन्य सड़कों पर संकेतक का अभाव है और पुलिस चालान को लेकर विवाद हो जाता है। पुलिस का तर्क है कि गति संकेतक नहीं होने से वाहन चालक पुलिस कर्मियों से उलझ जाते हैं। ऐसे में शहर के अंदर और बाहर की सड़कों पर वाहनों की गति तय हाेने के संकेतक होने चाहिए। जीएमडीए की ओर से शहर की प्रमुख सड़कों पर सीसीटीवी कैमरों से भी वाहनों की गति और यातायात उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जा रही है।
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जीएमडीए के अधीनस्थ हैं 293 सड़कें
जीएमडीए के अधीनस्थ करीब 293 सड़कें हैं और इन पर करीब 1920 संकेतक लगवाने होंगे। जीएमडीए की सड़कों में शंकर चौक से सेक्टर 55, इफ्को चौक से सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन, सेक्टर 29 से 26, सेक्टरों की रोड, हुडा सिटी सेंटर से बख्तावर चौक, एसपीआर से सेक्टर 50, साइबर पार्क से आंबेडकर पार्क, हुडा सिटी सेंटर से सिग्नेचर टावर, एनएच आठ से सेेक्टर 45, ओल्ड दिल्ली रोड से एनएच-8, न्यू गुरुग्राम के सेक्टर, इफ्को चौक से महावीर चौक, अतुल कटारिया से सिग्नेचर टावर व शहर की अंदर की सड़कों पर छोटे वाहनों की 50 और भारी वाहनों की 40 किलोमीटर प्रति घंटा गति सीमा तय है। सेक्टर 86/90 पर छोटे वाहनों की 60 व भारी वाहनों की 40, महावीर चौक से अतुल कटारिया तक छोटे वाहनों की 50 व भारी की 40 किलोमीटर प्रति घंटा, अतुल कटारिया से बाॅर्डर तक छोटे वाहनों की 60 व भारी की 40 किमी प्रति घंटा गति सीमा तय है। इसी प्रकार अन्य सड़कों पर भी वाहनों की गति सीमा तय है। उधर लोक निर्माण विभाग की 129 सड़कों की गति सीमा भी तय है। इसमें गढ़ी-हरसरू, दरबारी पुर रोड, बादशाहरपुर-टिकली रोड, वजीरपुर-फर्रुखनगर रोड, मिर्जापुर रोड, चंदू-इकबालपुर, सुल्तानपुर, वजीरपुर समेत अन्य सड़कों की गति सीमा 50 व 30/ 40 रखी गई है। एनसीआर कैनाल पर जिला बाॅर्डर तक छोटे वाहनों की 70 व भारी वाहनों की 50 किमी प्रति घंटा गति सीमा तय है।
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