नगर निगम ने सोशल मीडिया पर डाली थी पोस्ट, नागरिकों ने दिखाया हकीकत का आइना
अपने-अपने इलाकों की गंदगी और कूड़े की तस्वीरें डालकर बताई हकीकतअमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम के पोस्ट डालते ही लोगों ने जमकर भड़ास निकाली। किसी ने अपने इलाके की गंदगी की तस्वीर दिखाई तो कोई तस्वीर के साथ नगर निगम को जमीनी हकीकत से रुबरु करवाता दिखा। एक ने तो लिखा है कि लगता है कि गुरुग्राम को 41वां रैंक एससी एसटी के आरक्षण के तहत मिल गया है। लोगों ने मुख्यमंत्री हरियाणा के साथ केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, डीसी गुरुग्राम, राव नरबीर सिंह, निगमायुक्त, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल को टैग किया है।
नगर निगम की ओर से किए गए इस पोस्ट को 14 हजार लोगों ने देखा है। नगर निगम की ओर से यह पोस्ट बृहस्पतिवार को दो बजे दोपहर में किया गया है। दो लोगों ने रि-पोस्ट किया जबकि 18 लोगों ने अपने विचारों के साथ पोस्ट किया है। 34 लोगों ने लाइक किया है। सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के बाद नगर निगम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अर्पित पांड्या ने लोटस स्कूल की एक तस्वीर लगाते हुए लिखा है कि तस्वीर ही सब कुछ कह रही है। जितेन्द्र शर्मा ने लिखा कि हकीकत की जांच करनी चाहिए। सेक्टर 55 में रहने वाले देवेन्द्र पाल ने लिखा है कि उनके सेक्टर में 73ए नंबर के खाली प्लाॅट पर कूड़े का ढेर लगा है। प्रशांत खन्ना ने लिखा है कि ऐसा नहीं लगता कि 41वां रैंक गुरुग्राम को एससी-एसटी आरक्षण के तहत मिला है। सोनू गर्ग ने विष्णु गार्डन की तस्वीर पोस्ट की है। एक ने अपने एक्स पर लिखा है कि झूट बोलने की भी एक हद होती है। शांति नगर निवासी सुखराम कौशिक ने बताया कि क्षेत्र में सफाई तो है नहीं रैंकिंग मिल गई। इसकी शिकायत सीएम विंडो पर कई बार हो चुकी है। रविन्द्र कुमार ने सभी लोगों को टैग करते हुए लिखा है कि यह बताया जाए कि गुरुग्राम के कौन से इलाके को दिखा कर यह रैंक लिया गया है। इस बारे मेंं जब नगर निगम के अधिकारी ने कुछ भी कहने से इनकार किया। उनका कहना था कि जो पोस्ट में जगह बताई गई है उसे भी साफ कराने का प्रयास किया जा रहा है।