संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। बूचड़खाना मेवात संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह और मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव राजेश कुमार खुल्लर से मुलाकात की। इस दौरान समिति ने सांसद को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मेवात क्षेत्र में बूचड़खानों के कारण उत्पन्न गंभीर समस्याओं को उजागर किया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि इन बूचड़खानों से पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है। कचरे के निपटान के कारण कुत्ते हिंसक हो गए हैं, जो स्थानीय लोगों पर आए दिन हमला कर रहे हैं। इसके अलावा प्रदूषण और गंदगी के चलते कई गांवों में कैंसर और टीबी के मरीजों की संख्या में वृद्धि की बात भी सामने आई है। पानी के जल स्रोत दूषित हो गए हैं और घाट भी प्रभावित हुए हैं, जो क्षेत्र के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन गया है। सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य सचिव राजेश कुमार खुल्लर से बातचीत की और ज्ञापन उनके पास भेजा। दोनों अधिकारियों ने मेवात में बूचड़खानों से उत्पन्न दुष्प्रभावों को समाप्त करने का आश्वासन दिया। इस दौरान फजरूद्दीन बैसर, अर्जुन देव चावला, प्रोफेसर मौलाना करम ईलाही, एडवोकेट नूरूद्दीन नूर, मौलाना साबिर कासमी, प्रधान बार एसोसिएशन नूंह मकसूद अहमद, रफीक हतोडी खेड़ा, राजू चुटानी, अजीज सरपंच जलालपुर, मुबारिक अटेरना, रियाज आलम खेड़ी, डाक्टर अशफाक आलम, और मौहसिन सरपंच टपकन शामिल रहे।