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Gurugram News: नूंह-पलवल स्टेट हाईवे फोर लेन नहीं होने लोगों में नाराजगी, जताया विरोध

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अब 30 किमी मार्ग की केवल मरम्मत का कार्य होगा
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शेरसिंह डागर

नूंह। नूंह-पलवल स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने का रास्ता फिलहाल बंद हो गया है। सात वर्ष पहले की इस घोषणा को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। अब नूंह से पलवल तक करीब 30 किमी मार्ग का केवल मरम्मत का कार्य होगा जिस पर एचएसआरडीसी (हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज कारपोरेशन) 22 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
एनसीआरबी की तरफ से मार्ग के निर्माण के लिए फंड की व्यवस्था होने के बाद भी एचएसआरडीसी कई वर्ष बीत जाने के बाद भी वन विभाग के लिए जगह की व्यवस्था नहीं करा पाई। इस कारण दो जिला मुख्यालयों के यातायात को जोड़ने की प्रक्रिया को झटका लगा है। मार्ग का चौड़ीकरण न होने के कारण क्षेत्र के लोगों में मायूसी है और इसका एतराज जताया है।
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लोगों का मानना है कि मार्ग के चौड़ीकरण न होने से यहां पर सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हो सकता है। विभाग की तरफ से मार्ग की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया भी जारी कर दी गई है जिससे मार्ग के चौड़ा करने की उम्मीद भी धूमिल हो गई, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।


मार्ग को चौड़ीकरण की योजना
नूंह से पलवल तक करीब 30 किमी लंबे मार्ग को चौड़ा करने का प्लान 18 जुलाई 2017 को बना था। मार्ग की चौड़ाई फिलहाल साढ़े पांच मीटर है। चौड़ीकरण योजना के तहत इसे फोर लेन बनाना था। इसकी 11 मई 2022 को डीपीआर तैयार की गई थी। डीपीआर को सात जुलाई 2022 को सरकार की तरफ से स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसी के साथ सरकार ने दोनों जिला मुख्यालयों को जोड़ने के लिए एनसीआरबी बोर्ड की तरफ से 137 करोड़ 57 लाख रुपये भी स्वीकृत कर दिए थे। यहां तक की फरवरी 2024 में एनसीआरबी की तरफ से एचएसआरडीसी के लिए 51. 50 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए ताकि मार्ग को चौड़ा किया जा सके।



नहीं हो पाई व्यवस्था
मार्ग के चौड़ा करने के लिए वन विभाग को करीब 65 एकड़ जगह उपलब्ध कराई जानी थी। लेकिन एचएसआरडी की तरफ से डेढ़ वर्ष के दौरान जगह की कोई व्यवस्था तक नहीं हो सकी। जिस कारण मार्ग के चौड़ीकरण का मामला सिरे नहीं चढ़ पाया।


महत्वपूर्ण है योजना

यह मार्ग दो जिलों पलवल- नूंह को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। उत्तर प्रदेश के जेवर हवाई अड्डा बनने पर इस मार्ग का इस्तेमाल जेवर के लिए आवाजाही के रूप में इस्तेमाल होगा। इसके अलावा केएमपी व डीएमई पर आने जाने के लिए दोनों जिलों के वाहन मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। यहां वाहनों की भीड़ रहती है लेकिन मार्ग संकरा होने के कारण हर वक्त हादसे का भय भी बना रहता है और कई हादसे हुए हैं।

क्या कहते हैं लोग

डॉ. मकसूद अहमद, हितेश एडवोकेट, करतार डागर मण्डकोला, सुखराम डागर का कहना है कि पलवल मार्ग को चौड़ा करने के लिए लंबे समय से मांग चली आ रही थी। इसके लिए प्रयास किए गए थे। इतना ही नहीं बजट भी सरकार ने स्वीकृत कर दिया लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मार्ग के चौड़ीकरण के लिए रुचि नहीं दिखाई। इस कारण यह योजना सिरे नहीं चढ़ी। सरकार को इसकी तरफ फिर से ध्यान देने की जरूरत है।



इस बारे में मुझे पता चला है कि मार्ग को चौड़ा करने के बजाए इसकी मरम्मत कराई जाएगी। मामले को लेकर सरकार से बात होगी। इसके लिए अगले सप्ताह विभाग के उच्च अधिकारियों से मिला जाएगा।
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- आफताब अहमद, विधायक, नूंह



काफी प्रयास के बाद भी वन विभाग के लिए जगह की व्यवस्था नहीं होेने के कारण फिलहाल पलवल-नूंह मार्ग की मरम्मत प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसकी मजबूत मरम्मत होगी। चौड़ीकरण करने के मामले की प्रक्रिया जारी रहेगी लेकिन इसमें अभी समय लग सकता है। जगह नहीं मिलने के उच्च स्तर पर लिए गए फैसले के आधार पर मरम्मत का निर्णय लिया गया है।

- सचिन कुमार, कार्यकारी अभियंता, एचएसआरडीसी, फरीदाबाद


हमारा प्रयास है कि हम इसे फोर लेन कराएं। जमीन नहीं मिलने के कारण दिक्कत आई है। मेरी अभी भी कोशिश जारी है।
- प्रवीण डागर, पूर्व विधायक भाजपा हथीन
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