गुरुग्राम। शिक्षा विभाग द्वारा तबादलों में किया गया फेरबदल का खामियाजा जेबीटी शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। तीन माह से जिले के 216 शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है। हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा 15 नवंबर को जेबीटी शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण किया गया था। इस सूची में प्रदेश भर से 2544 शिक्षकों को शामिल किया गया था। बीच सत्र में विद्यार्थियों की शिक्षा के मद्देनजर 27 नवंबर को तबादलों पर रोक लगा दी गई। इस प्रक्रिया के दौरान भारी संख्या में शिक्षक नए स्कूलों में ज्वाइन कर चुके थे। आदेश मिलने के साथ ही कुछ शिक्षक पुुराने स्कूलों में लौटे वहीं कुछ शिक्षकों को कोर्ट से स्टे मिला। ऐसे में इन दोनों ही वर्गों के शिक्षकों को वेतन नहीं मिल सका है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान दुष्यंत ठाकरान ने बताया कि इस समस्या के संबंध में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को भी शिकायत की गई है। बार-बार स्कूलों की जगह बदलने के चलते जहां शिक्षकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। वहीं ऐसी कोरोना काल में अब वेतन को रोकना गलत है।
शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं
जेबीटी जिले सिंह ने बताया कि तीन माह पहले ही नए जिले में ज्वाइन कर लिया है। लेकिन वेतन नहीं मिला है। अभी तक वह पुराने स्कूल के एचआरएमएस से ही जुड़े हुए हैं। जेबीटी शिक्षक महेश ने बताया कि वह वेतन संबंधी समस्या के बारे में विभाग से संपर्क कर चुके हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। पिछले तीन माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है।
जेबीटी शिक्षकों की समस्याओं को सुना गया है। शिक्षा निदेशालय के निर्देशानुसार जेबीटी शिक्षकों को वेतन उसी विद्यालय से निकाला जा सकेगा, जहां उनका एचआरएमएस है।
- प्रेमलता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम