गुरुग्राम। इस बार बहनों को रोडवेज की बसों में मुफ्त सवारी करने की सुविधा नहीं दी जा रही है। ऐसे में उन्हें या तो बसों में किराया देना पड़ेगा या अपने निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ेगा। यानी उन्हें अपने स्तर पर ही व्यवस्था करनी पड़ेगी। इससे लड़कियों में काफी निराशा है।
लोगों का कहना है कि जब सरकार ने बाजार, मॉल, बसें और ट्रेन चला दी है तो उनको रोडवेज की बसों में मुफ्त सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है। महिलाओं का कहना है कि सरकार द्वारा फ्री बस यात्रा योजना को रद्द करना उचित नहीं है।
इसके अलावा रक्षाबंधन पर रोडवेज की ओर से रूटों पर अतिरिक्त बसों का संचालन भी नहीं किया जाएगा। इस पर भी परिवहन विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। पिछले कई वर्षों से रक्षाबंधन पर रोडवेज की ओर से महिलाओं और उनके साथ छोटे बच्चों को 48 घंटे तक बसों में फ्री यात्रा की सुविधा दी जाती थी, लेकिन इस बार कोराना महामारी में सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का उल्लंघन नहीं हो, इसलिए इस योजना को रद्द कर दिया।
महिलाओं ने क्या कहा
हर बार अपने भाई को राखी बांधने के लिए रोडवेज की फ्री बस सेवा से कैथल जाती थी। इस बार सरकार ने महिलाओं को यह सुविधा नहीं दी। सरकार की इस फैसले हम सहमत नहीं है।
- आशा शर्मा, गुरुग्राम निवासी
सरकार ने कोरोना महामारी में भी सभी जगह खोल दी हैं तो रक्षाबंधन पर महिलाओं को फ्री यात्रा सुविधा भी देनी चाहिए। जैसे अब बसों में किराया देकर यात्री सफर कर रहे हैं, ऐसे ही सोशल डिस्टेसिंग से महिलाएं भी सफर कर लेती।
- दयावती, कन्हई कॉलोनी, सेक्टर-44
कोरोना महामारी के कारण सभी काम धंधे बंद पड़े हुए हैं। इस बार महिलाओं को बसों में फ्री यात्रा की सुविधा की जरूरत थी, लेकिन इस बार ही सरकार ने यह योजना बंद कर दी।
-माल्तादेवी, सरहौल गांव निवासी
कोट
इस बार महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा सुविधा नहीं दी जाएगी। फ्री बस सेवा शुरू करने से बसों में सोशल डिस्टेसिंग के नियम का पालन नहीं होगा। इस कारण सरकार ने रक्षाबंधन अतिरिक्त बसें नहीं चलाने के भी निर्देश दिए हैं।
- अभिनव दुआ, ट्रैफिक प्रबंधक, रोडवेज डिपो, गुुरुग्राम।