संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सात अगस्त से निजी अस्पतालों ने योजना के तहत इलाज बंद कर दिया है। इसके चलते मरीजों को मुफ्त इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है जहां संसाधनों की सीमितता के कारण उन्हें और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हरियाणा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर जिले के 30 पंजीकृत निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी और अन्य सेवाएं रोक दी हैं। आईएमए का कहना है कि सरकार की ओर से गुरुग्राम जिले में लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है। लंबे समय से भुगतान न होने के कारण अस्पतालों पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है जिससे सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो गया है।
आईएमए ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द बकाया राशि का भुगतान कर सेवाएं बहाल कराई जाए ताकि गरीब मरीजों को राहत मिल सके। हरियाणा आईएमए प्रधान डाॅ महावीर जैन ने बताया कि पिछले काफी समय से सरकार से बकाया चुकाने के लिए मांग कर रहे थे। आर्थिक बोझ बढ़ने पर हमने यह निर्णय लिया है।