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'आजादी की कीमत खून से चुकाई': भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन बोले- सत्ता का सपने देखने वालों को कुर्सी मिली

Fri, 14 Aug 2026 03:40 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर गुरुग्राम में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहुंचे। उन्होंने 1940 के लाहौर प्रस्ताव और दो-राष्ट्र सिद्धांत का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता से पहले ही लोगों को विभाजन की कीमत चुकानी पड़ेगी, इसका आभास था।
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 1940 के लाहौर प्रस्ताव में द्विराष्ट्र सिद्धांत पर चर्चा हुई थी। तभी आजादी से पहले ही लोगों को देश के विभाजन का आभास हो गया था।
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'आजादी की कीमत देश के विभाजन से चुकी' 
नवीन ने बताया कि स्वतंत्रता की कीमत देश को विभाजन के रूप में चुकानी पड़ी। जिन लोगों ने अपने लिए सत्ता पर नजर रखी थी, उन्हें सत्ता मिल गई। लेकिन आजादी का सपना देखने वालों को खून की होली खेलनी पड़ी। उन्हें अपने प्रियजनों को खोना पड़ा। यह दर्द आज भी हम सभी के दिलों में कहीं-न-कहीं मौजूद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सत्ता हस्तांतरण में जल्दबाजी की। उनका मानना था कि विभाजन में ही उनका भविष्य सुरक्षित है। इन लोगों ने लाखों भारतीयों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।

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'विभाजन की विभीषिका में बलिदान दिए'
नवीन ने कहा कि आज उन लोगों की यादों को याद करने का दिन है। जिन्होंने विभाजन की विभीषिका में बलिदान दिए और विस्थापित हुए। उन्होंने उन सभी परिवारों को नमन किया। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया और विस्थापन का दर्द सहा। नवीन ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उन परिवारों के दर्द को याद करने से लगता है कि ऐसा कठिन क्षण शायद हमारे जीवन में नहीं आया होगा।

बीजेपी अध्यक्ष ने उन लोगों पर निशाना साधा जिन्होंने सत्ता के लिए विभाजन को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अपने सुनहरे सपने पूरे किए। पर आम जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ी। लाखों लोगों का भविष्य दांव पर लग गया। उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए करोड़ों लोगों के भविष्य से खिलवाड़ किया। यह पीड़ा आज भी सभी भारतीयों के हृदय में बनी हुई है।
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