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फीस मनमानी पर फूटा गुस्सा, अभिभावकों ने किया धरना प्रदर्शन

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निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी को लेकर लघु सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन करते अभिभावक। - फोटो : Gurgaon
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गुरुग्राम। निजी स्कूल द्वारा मनमानी फीस वसूलने के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसके विरोध में मंगलवार को गुरुग्राम सिटीजन काउंसिल ने लघु सचिवालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में जिले के सात निजी स्कूलों के अभिभावक पहुंचे। जिन्होंने स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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गुरुग्राम सिटीजन काउंसिल के अध्यक्ष आरएस राठी ने बताया कि स्कूल हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए ट्यूशन फीस के साथ ट्रांसपोर्ट, बिल्डिंग और अतिरिक्त शुल्क की मांग कर रहे हैं। अतिरिक्त शुल्क जमा नहीं करने पर प्रबंधन ने बच्चों के एजूकेशन पोर्टल बंद कर दिए हैं। जिसकी वजह से विद्यार्थी पढ़ाई संबंधी मैटेरियल को खोल नहीं पा रहे हैं। साथ ही अपने गृहकार्य भेजने में भी असफल हैं। स्कूल बार-बार ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान अतिरिक्त शुल्क की मांग कर विद्यार्थियों पर दबाव बना रहे हैं।
इस धरना प्रदर्शन में 100 से ज्यादा अभिभावक पहुंचे। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ दहिया को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए नया निर्देश जारी करने की मांग की। ऐसे में दहिया ने उन्हें मामले की पूरी जानकारी लेने व दो दिन में निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। वहीं, अभिभावकों ने कहा कि यदि निजी स्कूल अपनी मनमानी नहीं रोकते हैं तो वे सभी मिलकर भूख हड़ताल करेंगे।
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कुन्सकैप्स कॉलन स्कूल, मानव रचना पब्लिक स्कूल, लोटस वैली स्कूल, मौर्य स्कूल, पार्थवेज स्कूल, डीपीएस इंटरनेशनल स्कूल
और ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक इस धरना प्रदर्शन में शामिल हुए।
फीस जमा करने के बाद भी भेज रहे संदेश
स्कूलों की मनमानी से अभिभावक और बच्चे दोनों परेशान हैं। कार्यालय से छुट्टी लेकर धरने पर बैठे हैं। यदि सुनवाई नहीं होती है तो भूख हड़ताल करेंगे
- ध्रुव बंसल
कई बार शिक्षा विभाग में शिकायत दी जा चुकी है। अभिभावकों को परेशान किया जा रहा है। बच्चों को एजूकेशन पोर्टल से ब्लॉक किया गया है।
- भारती
लॉकडाउन से अब तक पूरी ट्यूशन फीस जमा की जा चुकी है। बावजूद इसके शुल्क जमा करने के संदेश भेजे जा रहे हैं। शिक्षा विभाग को जल्द ही संज्ञान लेना चाहिए
-श्लेष मेहता
बच्चों की पोर्टल आईडी बंद हैं। उन्हें स्कूल नहीं भेजा जा रहा है। ऑनलाइन शिक्षा ही दिलाई जा रही है। फिर भी अतिरिक्त शुल्क मांगे जा रहे हैं।
-दिव्या
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