आठ रजिस्ट्रियों के टोकन काटे गए और स्टांप आवेदन पूरे हो गए, फोटो अपॉइंटमेंट नहीं मिल सका
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी पेपरलेस रजिस्ट्री योजना के तहत 1 नवंबर से तहसीलों में डिजिटल पंजीकरण की शुरुआत हो गई है। नूंह जिले की तावडू तहसील में सोमवार को योजना का पहला दिन रहा, जहां आठ रजिस्ट्रियों के टोकन काटे गए और स्टांप आवेदन पूरे हो गए, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण फोटो अपॉइंटमेंट नहीं मिल सका। नतीजतन, रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया संपूर्ण नहीं हो पाई। लोगों ने नई व्यवस्था पर मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
तहसीलदार रीता ग्रोवर ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। पहले दिन टोकन जारी करने में कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन दस्तावेजों की ऑनलाइन अप्रूवल और जांच के दौरान तकनीकी खामियां सामने आईं। आठ टोकन पहले ही काट लिए गए थे। इसके बाद दस्तावेज अपलोड और अप्रूवल की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हुई, जिसमें देरी हुई। अंतिम आवेदन पर अपॉइंटमेंट नहीं हो सका, जो तकनीकी खराबी के कारण था। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
तहसीलदार ने योजना को सरकार की सराहनीय पहल बताया। उनके अनुसार, यह व्यवस्था भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाएगी, आमजन की सुविधा बढ़ाएगी और समय की बचत होगी। वहीं तहसील परिसर में पहुंचे यूनुस, शहीद, अजरुद्दीन मुकुट आदि ने योजना का स्वागत किया, लेकिन शुरुआती तकनीकी समस्याओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दावे बड़े-बड़े हैं कि भ्रष्टाचार रुकेगा और जालसाजी पर रोक लगेगी, लेकिन पहले दिन ही दिक्कतें आईं। वहीं, कुछ लोगों ने उत्साह जताते हुए कहा कि यदि समय बचता है और भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसता है, तो यह सरकार की बड़ी उपलब्धि होगी।