कहा - विकास योजनाओं से हमेशा वंचित रखा गया क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में बनने वाले केंद्रीय विद्यालय को इंडरी खंड के किसी गांव में बनाने की मांग को लेकर रविवार को इंडरी गांव के राजकीय कन्या पाठशाला में पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें इंडरी खंड के अलावा मिंडकोला, मढ़नाका समेत आसपास के 50 गांवों के प्रमुख लोगों ने भाग लिया।
पंचायत की अध्यक्षता सेवानिवृत्त बैंककर्मी आशाराम शर्मा मैलावास ने की तथा संचालन योगेश शर्मा हिलालपुर ने किया। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि इंडरी खंड पूर्व की सरकारों में विकास के हर पक्ष में पिछड़ा रहा है। ऐसा लगता है कि सरकारें व यहां का प्रशासन इंडरी को मेवात जिले की बजाए किसी अन्य जिले का हिस्सा मानता है। जिले के विकास की जो भी योजनाएं बनती हैं, उनमें इंडरी के हिस्से कुछ नहीं आता। हमेशा ही यह क्षेत्र सरकारों की अनदेखी व उदासीनता का दंश झेलता रहा है।
पंचायत में लोगों ने पुरानी घटनाओं को याद करते हुए कहा कि फरवरी 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इंडरी में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। लोगों ने इस योजना से क्षेत्र में विकास की उम्मीदें जोड़ी थीं, लेकिन बाद में राजनीतिक दबाव और एक समुदाय विशेष के विरोध के चलते मेडिकल कॉलेज को इंडरी से हटाकर नल्हड़ में बना दिया गया।
लोगों ने कहा कि इंडरी ग्राम पंचायत ने जिले में अर्द्धसैनिक बलों के कैंप के लिए लगभग 150 एकड़ भूमि सरकार को दी थी, लेकिन यह भूमि देने के बाद भी सरकार ने इस क्षेत्र को किसी भी प्रमुख शैक्षणिक या विकास परियोजना में शामिल नहीं किया। लोगों ने एकमत से प्रस्ताव पास किया कि वे केंद्रीय विद्यालय को इंडरी खंड में बनवाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। इसके लिए बुधवार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
फोटो: पंचायत में केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर अपनी बात रखते वक्ता।