अंसल को 2016 में देना था पजेशन, हरेरा ने दिया आदेश
नंबर गेम- 18 लाख रुपये मिलेगा मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। समय से खरीदार को फ्लैट का पजेशन न देने से हुए वित्तीय नुकसान पर अंसल कंपनी को 18 लाख रुपये का मुआवजा देना होगा। 2016 में बिल्डर कंपनी की तरफ से उन्हें पजेशन दिया जाना था लेकिन उन्हें कभी पजेशन दिया ही नहीं गया। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम के निर्णायक अधिकारी राजेंद्र कुमार ने दिया है।
सेक्टर-54 निवासी चारू वर्मा, अंबिका चरण वर्मा और दीपक वर्मा ने अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने सेक्टर-67 अंसल की तरफ से विकसित की जा रही सोवरेन फ्लोर्स परियोजना में 26 अक्तूबर 2012 को एक यूनिट बुक की थी। कंपनी के साथ उनका 1.19 करोड़ रुपये में करार हुआ था। कंपनी को वह 37.95 लाख रुपये दे चुके थे। कंपनी की तरफ से आश्वासन दिया गया था उन्हें 26 अप्रैल 2016 तक फ्लैट का पजेशन दे दिया जाएगा लेकिन उन्हें पजेशन नहीं मिला।
प्राधिकरण ने 13 अगस्त 2024 को खरीदारों की जमा राशि वापस ब्याज समेत वापस करने का आदेश कंपनी को दिया था। इसके बाद खरीदारों ने देरी से हुए नुकसान और मानसिक उत्पीड़न की भरपाई के लिए मुआवजे की याचिका दायर की थी। इस मामले में कंपनी की तरफ से प्राधिकरण में कोई भी पेश नहीं हुआ। प्राधिकरण ने माना कि प्रॉपर्टी के दामों में बढ़ोतरी और रुपये के अवमूल्यन के कारण खरीदारों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने माना कि कलेक्टर रेट में 48.82% की बढ़ोतरी हो गई। ऐसे में अगर वह अपनी राशि को कहीं अन्य जगह पर लगाते तो उसमें 18.53 लाख रुपये की बढ़ोतरी होती। ऐसे में यह राशि कंपनी फ्लैट खरीदार को देगी। इस दौरान उन्हें हुई मानसिक परेशानी होने पर एक लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 50 हजार रुपये भी दिए जाएंगे।