करदाताओं को बड़ी राहत... एक लाख तक का बकाया टैक्स, ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने बकाया कर विवादों के समाधान के लिए एकमुश्त निपटान योजना-2026 (ओटीएस) फिर से शुरू की है। यह योजना 1 जून 2026 से 28 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न कराधान अधिनियमों के तहत लंबित मामलों को निपटाना है।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि यह योजना न्यायालयों और अपीलीय मंचों पर लंबित विवादों को कम करेगी। इससे कर प्रशासन भी अधिक प्रभावी बनेगा। योजना सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत बकाया देय राशि के निपटान का अवसर देती है। यदि किसी करदाता पर एक लाख रुपये तक का कर बकाया है तो उसे अलग से आवेदन नहीं करना होगा। ऐसे मामलों में संबंधित वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। करदाता किसी भी अधिनियम और किसी भी वर्ष के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस तरह मिलेगी छूट
संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त, गुरुग्राम, स्नेह लता यादव ने छूट के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत एक लाख रुपये तक की बकाया राशि पर 100 प्रतिशत छूट है। एक लाख रुपये से अधिक पर 70 प्रतिशत कर और 100 प्रतिशत ब्याज व जुर्माने में छूट मिलेगी। अन्य छह अधिनियमों में एक लाख रुपये तक पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। 1 लाख से 60 करोड़ रुपये तक की बकाया राशि पर कर में 60 से 30 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इन सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माना 100 प्रतिशत माफ होगा।
किस्तों में भुगतान की है सुविधा
योजना के तहत निपटान राशि जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध है। पांच लाख रुपये तक की राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। पांच लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि दो समान किस्तों में जमा की जा सकेगी। 25 लाख रुपये से अधिक की राशि तीन किस्तों में जमा करने का प्रावधान है। स्नेह लता ने सभी पात्र व्यापारियों और करदाताओं से इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया।