उद्घाटन से पहले ही टूटने लगा शहीदी स्मारक का दरवाजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। कारगिल युद्ध में शहीद हुए हिंगनपुर गांव के नायब सूबेदार नसरुद्दीन की शहीदी स्मारक का शनिवार को एक तरफ जहां उद्घाटन किया गया तो वहीं दूसरी ओर नायब सूबेदार शहीद नसरुद्दीन के बेटे इरशाद अली ने गांव के सरपंच व जिला पार्षद पर शहीदी स्मारक के नाम पर खानापूर्ति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान में सरकार स्कूल, अस्पताल या खेल के मैदान का नाम रख कर उसे यादगार बनाती है। शहीदों की प्रतिमा या शहीदी स्मारक के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन जिनको जिम्मेदारी सौंपी जाती है वही अपनी जेब भरने के चक्कर में खानापूर्ति कर सरकार की साख पर बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं।
शहीद के बेटे इरशाद अली का कहना है कि आठ लाख साठ हजार रुपये की लागत से शहीदी स्मारक बनाई जानी थी, लेकिन जिम्मेदारों ने खानापूर्ति कर काम को पूरा करा दिया। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसके चलते उद्घाटन से पहले ही रेलिंग और दरवाजा हिलने लगा। शहीदी स्मारक में लगाया गया दरवाजा ज्यादा दिन नहीं चलेगा और जल्दी ही टूट कर गिर जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ॉशहीदी स्मारक में लगाई गई सामग्री की जांच होनी चाहिए और पूरा पैसा निर्माण कार्य में लगाया जाना चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले में जिला प्रमुख ने जांच कराने की बात कही है।
नूंह भाजपा जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने नायब सूबेदार शहीद नसरुद्दीन की शहीदी स्मारक का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि जब-जब देश को रक्षा की जरूरत पड़ी तब-तब हमारे देश के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा करने का काम किया। उन्हीं में से एक हैं हिंगनपुर गांव के नायब सूबेदार शहीद नसरुद्दीन जिन्होंने कारगिल के युद्ध में अपने प्राणों की बलि देकर हमारे देश की रक्षा की।
शहीदी स्मारक में घटिया सामग्री वे खानापूर्ति करने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जल्दी ही इसकी जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। शहीदों के सम्मान में खर्च की जा रही राशि का दुरुपयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - जान मोहम्मद, भाजपा जिला प्रमुख नूंह।