अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। तेज बारिश में कादरपुर गांव के पास अरावली से आने वाले पानी की सुरक्षा के लिए बना बांध टूट गया। वर्ष 1961 में बने पुराने बांध के टूटने के कारण आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। दो से तीन फीट तक हुए जलभराव के कारण लोग मुश्किल में पड़ गए। यह बांध आखिरी बार 1971 में टूटा था, तब भी गुरुग्राम में बाढ़ आई थी।
मंगलवार को एसडीएम संजीव सिंगला ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि अरावली से रिहायशी क्षेत्रों में आ रहे बरसाती पानी को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जाए और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने तैनात टीमों को जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाने और किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। सोमवार से हो रही भारी बारिश के कारण अरावली क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए बनाए गए कई चेक डैम अपनी क्षमता से अधिक भर गए थे। दबाव बढ़ने से कुछ चेक डैम टूट गए जिसके चलते कादरपुर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। प्रशासन और पुलिस की तत्परता से समय रहते राहत एवं निकासी कार्य शुरू कर दिए गए। उधर, जलभराव के कारण बजघेड़ा, मेडीसिटी, बस स्टैंड आदि अंडरपास बंद किए गए। हालांकि शाम को बजघेड़ा अंडरपास की एक एक लाइन खोल दी गई।
डूबे ट्रैक्टर पर खड़े युवक-युवतियां मदद का इंतजार करते दिखे
कादरपुर गांव में बांध टूटने से हुए जलभराव में गाड़ी में गुजर रहीं 2 युवतियां और एक युवक रोड पर फंस गए। इन्हें निकालने के लिए आसपास के लोगों ने एक ट्रैक्टर मंगाया लेकिन वह ट्रैक्टर भी डूब गया। इसी दौरान दोनों युवतियां और युवक ट्रैक्टर के ऊपर खड़े दिखे। हालांकि, कुछ देर बाद एक और ट्रैक्टर मंगाकर सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। इसका 13 सेकेंड का एक वीडियो सामने आया है जिसमें दिख रहा है कि रोड पर काफी पानी जमा है। युवक युवती मदद का इंतजार कर रहे हैं। जलभराव से दूर कुछ लोग खड़े हैं, जो इस दृश्य का वीडियो बना रहे हैं।
एसडीएम ने किया निरीक्षण
एसडीएम-गुरुग्राम परमजीत चहल ने भी शहर के इलाकों का दौरा किया और जलनिकासी व राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सेक्टर-37, माता रोड तथा पुलिस लाइन क्षेत्र में पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है।