गुरुग्राम में सिटी बस सेवाओं के व्यापक अनुकूलन की योजना, गुरुगमन एप को और अधिक उन्नत एवं यूजर-फ्रेंडली बनाया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं को मजबूत करने और ओवर ऑल ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए सीईओ पीसी मीणा ने मंगलवार को गुरुग्राम सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें सीईओ ने कहा कि आने वाले समय में जीएमसीबीएल के बेड़े में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने की उम्मीद है। इस विस्तार को देखते हुए नए रूटों की पहचान करने का निर्देश दिया। इसमें गुरुग्राम में सिटी बस सेवाओं के व्यापक अनुकूलन की योजना पर चर्चा की गई। पीसी मीणा ने मौजूदा गुरुगमन बस एप को और अधिक यूजर-फ्रेंडली एवं यात्री-केंद्रित बनाने के निर्देश दिए।
बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सिटी बस रूटों का किया जाए अनुकूलन
बैठक के दौरान जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि जीएमसीबीएल शहर में विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहा है, विशेषकर उच्च मांग वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों एवं छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने में। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में गुरुग्राम में जीएमसीबीएल की 150 बसें 21 रूट्स पर संचालित हो रही हैं। मीणा ने निर्देश दिए कि इन रूट्स का अनुकूलन (ऑप्टिमाइजेशन) किया जाए ताकि संचालन दक्षता बढ़े और यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि यात्री संख्या, राइडरशिप पैटर्न, पीक आवर्स की मांग व रूट प्रदर्शन से संबंधित समग्र डेटा एकत्र कर उसका विश्लेषण किया जाए, ताकि रूट अनुकूलन प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। जिन रूट्स पर यात्रियों की संख्या अधिक है, वहां बसों की आवृत्ति बढ़ाने की संभावनाओं पर भी सक्रिय रूप से विचार करने के निर्देश दिए गए।
सीईओ ने बताया कि निकट भविष्य में जीएमसीबीएल के बेड़े में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इस विस्तार को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए रूट्स की पहचान की जाए, जहां सिटी बस सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। इनमें द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र सहित अन्य उभरते और तेजी से विकसित हो रहे कॉरिडोर शामिल हैं, ताकि व्यापक कवरेज और बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके। बैठक में रूट अनुकूलन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पांच मॉडल चौराहों का विकास किया जाएगा
सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सुधार के साथ-साथ जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संबंधित टीमों को यातायात पुलिस विभाग के समन्वय से शहर में पांच मॉडल चौराहों के विकास के निर्देश दिए, जिन्हें पूरी तरह उल्लंघन-मुक्त बनाया जाएगा। इन चौराहों पर जीएमडीए द्वारा आवश्यक आधारभूत संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे, जिनमें उचित लेन मार्किंग, पैदल यात्री क्रॉसिंग, ट्रैफिक साइनबोर्ड तथा स्पीड लिमिट साइनबोर्ड की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, इन चौराहों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों का प्रभावी उपयोग कर यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान जारी किए जाएंगे तथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।