नजफगढ़ झील वेटलैंड के मामले में एनजीटी की सख्ती
नंबर गेम- 06 सप्ताह का दिया समय
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नजफगढ़ झील वेटलैंड के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने रिपोर्ट पेश न करने पर सख्ती दिखाई। पीठ ने छह हफ्ते का समय देते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को संबंधित रिपोर्ट रिकाॅर्ड पर रखने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि अगर तय समय में रिपोर्ट पेश नहीं की गई तो मंत्रालय के वरिष्ठ स्तर के अधिकृत अधिकारी को अगली सुनवाई में एनजीटी के सामने पेश होना पड़ेगा।
यह आदेश 15 सितंबर को एनजीटी के प्रधान पीठ में चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डाॅ. अफरोज अहमद की पीठ ने दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए एक दिसंबर को होगी। एनजीटी में मामले की सुनवाई के दौरान मंत्रालय की तरफ से दलील दी गई कि वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया और वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया) और राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र (एनसीएससीएम) की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए संबंधित स्तर पर संपर्क किया गया है और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और समय की मांग की।
इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज की तरफ से कहा गया कि पहले भी कई अवसर मिलने के बावजूद रिपोर्ट रिकॉर्ड पर नहीं रखी गई है। एनजीटी ने मंत्रालय को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का और समय दिया। यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में रिपोर्ट दाखिल नहीं होने पर मंत्रालय के वरिष्ठ स्तर के अधिकृत अधिकारी को अगली सुनवाई में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होकर अधिकरण की सहायता करनी होगी।