विभागीय कर्मचारियों पर आरोप जानबूझकर पानी की कमी दिखाकर टेंकरों से बेचते हैं पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार चल रही लू के बीच नूंह शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शहर के कई वार्डों और कॉलोनियों में कई-कई दिनों तक पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही, जबकि जहां सप्लाई आ भी रही है वहां कम समय और बेहद कम प्रेशर के कारण लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को मोटर चलाने के बावजूद बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। इससे शहरवासियों में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी अपने चरम पर है और पेयजल व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है। वार्ड नंबर-13 के कुटिया मोहल्ला, पुरानी अनाज मंडी, वार्ड नंबर-2, 8, 10 और 12 सहित कई क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हैं। लोगों के अनुसार आधे घंटे के लिए आने वाली पानी की सप्लाई में प्रेशर इतना कम होता है कि बिजली की मोटर चलाने पर भी मुश्किल से कुछ बर्तन ही भर पाते हैं। इसके बाद सप्लाई बंद हो जाती है। महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है और उन्हें दूर-दराज से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
सरकारी पानी को बेच रहे टेंकर वाले:
शहरवासियों का आरोप है कि एक तरफ आम लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पलड़ी रोड स्थित पानी के चैम्बर से दिनभर पानी के टैंकर भरकर अन्य स्थानों पर भेजे जा रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि यह पानी सरकारी कार्यालयों के लिए भेजा जा रहा है, लेकिन लोगों का आरोप है कि कुछ टैंकर ही सरकारी कार्यालयों तक पहुंचते हैं जबकि बाकी पानी मोटी रकम लेकर कॉलोनियों और आसपास के गांवों में बेचा जा रहा है।
कर्मचारी जानबूझकर कर रहे है गड़बड़:
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग में कार्यरत कुछ कर्मचारियों और उनके परिजनों के निजी पानी के टैंकर हैं, जिन्हें जानबूझकर पानी की कमी दिखाकर चलाया जा रहा है। आरोप है कि शहर में बिजली और पानी संकट का हवाला देकर टैंकरों से हजारों रुपये में पानी बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी :
स्थानीय निवासी सुमित बंसल, एडवोकेट मनोज माथुर, चमन गर्ग, गोपाल, रवि कुमार, सलीम, हारून प्रधान सहित कई महिलाओं सोनिया, पूनम, सुनीता, मोनिका, एकता, कोमल, साधन और कांता ने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट सकता है। उनका कहना है कि सरकार हर घर जल पहुंचाने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। विधायक आफताब अहमद और उपायुक्त अखिल पिलानी द्वारा विभागीय अधिकारियों के साथ पेयजल व्यवस्था को लेकर बैठकें भी की जा चुकी हैं, लेकिन उनका असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा।
इस संबंध में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अमित संड़ीला ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि कोई कर्मचारी जानबूझकर गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।