गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि 30 लोगों की भीड़ ने बुधवार शाम को दो भाइयों की पिटाई कर दी। दोनों पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले हैं और यहां पालडा गांव की एक बस्ती में रहते हैं। पुलिस में दी गई शिकायत के अनुसार, लगभग 25 से 30 लोगों की भीड़ ने मंगलवार को झुग्गी में आकर बस्ती वालों को बुधवार तक शहर छोड़ने की धमकी दी थी।
नूंह हिंसा के बाद गुरुग्राम में भड़की हिंसा में नाम पूछकर दो भाइयों के साथ बीते बुधवार को मारपीट की गई। मारपीट करने से पहले झुग्गियां खाली करने की भी धमकी दी गई। पीड़ित धमकी देने के बाद भी नहीं गया तो हमलावरों की भीड़ ने उसके साथ रास्ते में बेल्ट से मारपीट की।
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पीड़ित की शिकायत पर बादशाहपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। मूल रूप से पश्चिम बंगाल निवासी निसार अली ने पुलिस को बताया कि वह गांव पलड़ा की ढाणी में झुग्गी में अपने भाई के साथ रहता है।
उसने बताया कि बीते सोमवार को मेवात में हुए दंगे के बाद कुछ लोग झुग्गी पर आए और नाम पूछने के बाद भाग जाने की धमकी दे कर चले गए। उन्होंने धमकी दी अगर झुग्गी छोड़कर नहीं गए तो तुम्हें मारेंगे और झुग्गियों में आग लगा देंगे। इसके बाद मंगलवार को भी करीब 30 युवक आए और एक दिन का समय देकर चले गए।
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बीते बुधवार शाम करीब सात बजे वह अपने भाई रुस्तम अली के साथ झुग्गियों की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान चार पांच युवकों ने नाम पूछकर मारपीट करनी शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने 25-30 अन्य युवकों को मौके पर बुला लिया। वहां पहुंचे युवकों ने भी दोनों भाइयों के साथ बेल्ट से मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा के अपर मुख्य सचिव (गृह) टीवीएसएन प्रसाद ने बताया कि हिंसा में अब तक 176 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 93 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें नूंह में 46, गुरुग्राम में 23, फरीदाबाद में तीन, रेवाड़ी में तीन और पलवल में 18 हैं।
साइबर थाने पर हमला, साजिश का हिस्सा
टीवीएसएन प्रसाद ने कहा कि साइबर थाना पर हमला होना असामाजिक तत्वों की साज़िश होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की है।
जलाभिषेक हिंसा में सात घंटे तक मौत के साये में रहे सैकड़ों लोग
नूंह में जलाभिषेक यात्रा से लौटे घायल सैनिक कॉलोनी निवासी अशोक कुमार पंवार तीन दिन बाद भी सदमे से नहीं उबर सके हैं। फरीदाबाद से सैकड़ों महिलाएं और पुरुष कार्यक्रम में शामिल हुए और घंटों फंसे रहे। उनके साथ करीब 15-20 लोग छह-सात घंटे तक मौत के साये में नूंह के पास एक श्रीराम मंदिर में रहे। अशोक ने बताया कि उपद्रवी वाहनों से ऐसे पत्थर फेंक रहे थे, जैसे ओले पड़ रहे हों।
करीब दस किलोमीटर के एरिया में उपद्रवी पत्थर और हथियारों से लैस थे। पवार ने बताया कि नल्हड़ महादेव मंदिर काफी प्रसिद्ध है और वह तीन साल से जलाभिषेक करने जाते रहे हैं। हर बार पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। उनके साथ पांच अन्य लोग पहली बार जलाभिषेक यात्रा में शामिल होने वाले आए थे।