हिंसा के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में आठ टीमों का गठन किया गया है। जो अलग-अलग कार्रवाई करर ही हैं। इसके अलावा जिले में तीन डीएसपी स्तर के अधिकारियों की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है, जो गहनता से मामले की जांच कर रही है। जिले में अब तक इस मामले में 45 एफआईआर दर्ज किए जाने के साथ ही 139 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इसके अलावा इस घटनाक्रम में 70 लोग घायल हुए हैं जबकि 6 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की गई है।
कर्फ्यू में तीन घंटों की दी गई ढील
नूंह में जारी कर्फ्यू में गुरुवार को तीन घंटों की ढील दी गई। लोगों को जरूरत का सामान खरीदने के लिए तीन घंटों की छूट दी गई थी। सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक मिली इस छूट के बाद लोगों ने जल्दी-जल्दी अपनी जरूरतों का सामान खरीदा। हालांकि बाजार में ज्यादातर दुकानदारों ने दुकान नहीं खोली। ऐसे में कई लोगों को खाली हाथ भी लौटना पड़ा। सब्जीमंडी में सब्जी बाहर से न आने के कारण लोगों को सब्जी नहीं मिली।
पुलिस बल की 34 कंपनियां तैनात
जिले में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की 34 कंपनियां तैनात की गई हैं। जिला में पुलिस बल द्वारा लगातार फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है और लोगों से अमन व चैन बनाए रखने की अपील की जा रही है।
नूंह में शोभायात्रा पर हुए हमले के बाद भड़की हिंसा के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। हरियाणा सरकार ने नूंह, फरीदाबाद और पलवल जिलों और जिला गुरुग्राम के उपमंडल सोहना, पटौदी और मानेसर के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट निलंबन को आज दोपहर एक बजे से शाम 4 बजे तक आंशिक रूप से हटा दिया है। उधर, कर्फ्यू लगा है और जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।