करीब 40 वॉयस रिकॉर्डिंग पूलिस के हाथ लगी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह ऑडियो रिकॉर्डिंग सही है या नहीं, अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता। ये ऑडियो सोशल मीडिया के जरिए मिला है। इस बारे में जब नूंह पुलिस के प्रवक्ता कृष्ण कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस ऑडियो को भी पुलिस दंगों की जांच में शामिल कर रही है। वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऐसी करीब 40 वॉयस रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ लगी हैं, जिनकी हिंसा भड़काने में भूमिका रही।
सिंगार शिव मंदिर में ही समाप्त होनी थी यात्रा
31 जुलाई को नूंह में ब्रजमंडल यात्रा निकाली थी। ये यात्रा नूंह के नलहेश्वर मंदिर से शुरू हुई और इसे फिरोजपुर झिरका होते हुए पुन्हाना उपमंडल के सिंगार गांव के शिव मंदिर में समाप्त होना था। सिंगार गांव का शिव मंदिर नूंह से 45 किलोमीटर दूर है।
ऑडियो के बाद मंदिर में शुरू हुई हिंसा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस ऑडियो के बाद ही सिंगार शिव मंदिर में भी हिंसा शुरू हुई और वहां पत्थर बरसाए गए। पुलिस ये भी मान रही है कि अगर अचानक हिंसा होती तो यह नूंह तक ही सीमित रहती। इस ऑडियो के बाद नूंह दंगों के पीछे प्री-प्लांड साजिश की बात से इनकार नहीं किया जा सकता।