गुरुग्राम। मानेसर नगर निगम जिले का छठा स्थानीय निकाय होगा और यह जिले का दूसरा नगर निगम बनेगा। खास बात यह है कि पटौदी विधानसभा क्षेत्र का यह तीसरा स्थानीय निकाय होगा। मानेसर नगर निगम आबादी एवं क्षेत्रफल के मामले में गुरुग्राम नगर निगम से छोटा होगा। इसके क्षेत्र की आबादी करीब तीन लाख होगी, जबकि गुरुग्राम नगर निगम की आबादी 10 लाख से अधिक बताई जा रही है। नए नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद अब मानेसर के गांवों का विकास शहर की तर्ज पर होगा।
जिले में अभी तक गुरुग्राम नगर निगम के अलावा सोहना में नगर परिषद और पटौदी, हेलीमंडी व फर्रुखनगर निगम में नगर पालिका स्थानीय निकाय थे, लेकिन अब मानेसर नगर निगम भी स्थानीय निकाय बन गया है। खास बात यह है कि मानेसर सीधा नगर निगम बना है। इसका अधिकतर इलाका किसी भी स्थानीय निकाय के अधीन नहीं था। इन छह स्थानीय निकायों में पटौदी व हेलीमंडी नगर पालिका एवं मानेसर नगर निगम पटौदी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस तरह पटौदी विधानसभा क्षेत्र में मानेसर नगर निगम के तौर पर तीसरा स्थानीय निकाय बन गया है।
मानेसर नगर निगम में तीन प्रकार के क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इस नगर निगम में गांवों और उनकी कृषि भूमि पर बसी शहरी आबादी के तौर पर सेक्टर और मानेसर औद्योगिक क्षेत्र होगा। इस नगर निगम की सीमा गुरुग्राम की ओर खेड़कीदौला से होगी, जबकि सोहना-तावडू की ओर नौरंगपुर और गुरुग्राम के ग्रामीण क्षेत्र से गाड़ौली होगी।
उधर नगर निगम की घोषणा के बाद से ही मानेसर के पूरे इलाके में उत्साह का माहौल है। हालांकि निगम क्षेत्र में शामिल होने वाले कुछ गांवों के सरपंच अब भी नगर निगम बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। वे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के समक्ष अपना विरोध जता चुके हैं। दूसरी ओर माना जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण मानेसर के अधिकांश इलाकों में व्यापक तौर पर हुए विकास कार्यों की तरह अब नगर निगम के गठन के बाद गांवों में विकास की रोशनी पहुंचेगी। सरहावल, झुंडसराय, नैनवाल, नखड़ोला समेत कई गांव ऐसे हैं जो चहुंमुखी विकास के मामले में अब भी अन्य गांवों के मुकाबले कहीं न कहीं पीछे रह गए हैं। नए नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद अब इनमें भी तेजी से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।