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एक भी जगह नहीं लगाया जाम, सभी गतिविधियां चलीं

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गुरुग्राम। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के भारत बंद का मंगलवार को जिले में मिला-जुला असर दिखाई दिया। जिले में एक भी जगह जाम नहीं लगाया और करीब-करीब सभी गतिविधियां चलीं, लेकिन आंदोलनकारियों के समर्थन में किसान संगठनों, राजनीतिक दलों, श्रमिक यूनियनों, सामाजिक संगठनों ने तीन स्थानों पर धरना प्रदर्शन एवं मार्च किया। इन स्थानों में शामिल बिलासपुर चौक पर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास कर रहे वामपंथी दल के एक सांसद एवं अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। अन्य दोनों स्थानों पर धरना-प्रदर्शन एवं मार्च शांतिपूर्ण रहा।
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भारत बंद के सिलसिले में वामपंथी दलों एवं उनसे जुड़ी यूनियनों ने जिले में बिलासपुर चौक एवं हीरो होंडा चौक पर विरोध करने का निर्णय लिया था। इस कड़ी में वामपंथी दलों के करीब 150 नेता एवं कार्यकर्ता सुबह 11 बजे बिलासपुर चौक पर पहुंचे। उनके साथ केरल से सांसद केके राघेश के अलावा सतबीर सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कृषि कानूनों का विरोध करते हुए दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम करने का प्रयास किया। इस बीच पुलिस ने वहां धारा-144 लागू होने का हवाला देते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया और पुलिस उनको तीन बसों में मोकलवास स्थित स्कूल ले गई और वहां शाम को बिलासपुर थाने में लाया गया। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करने के बाद उनको रिहा कर दिया।
दूसरी ओर वामदलों से जुड़ी यूनियनों ने भारत बंद के समर्थन में हीरो होंडा चौक से राजीव चौक तक मार्च किया। इस दौरान यूनियन के नेताओं ने कृषि कानूनों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इन कानूनों को किसान विरोधी करार देते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की। इस दौरान पुलिस ने उनको न तो हिरासत में लेने का प्रयास किया और न ही उनको रास्ते में रोका। उनका राजीव चौक तक ही मार्च करने का कार्यक्रम था।
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आंदोलनकारियों की मांग मानने की अपील
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन एवं भारत बंद के समर्थन में झाड़सा चौक पर झाड़सा खाप एवं कई सामाजिक संगठनों ने धरना दिया। इस धरने में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस एवं जननायक जनता पार्टी के नेता भी शामिल हुए। इस दौरान सभी दलों के नेताओं एवं खाप के प्रमुखों ने केंद्र सरकार से कृषि कानूनों के मामले में आंदोलनकारी किसानों की मांग मानने की अपील की। हालांकि कांग्रेस एवं आप नेताओं ने इन कानूनों के मामले में केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा।
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