गुरुग्राम। शहर की हवा में जिस तेजी से प्रदूषण बढ़ रहा है, उसके लिए कई कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें से पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की तरफ से लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का अनुपालन न होना भी एक बड़ी वजह है। प्लान के मुताबिक निर्माण सामग्री व धूल इत्यादि को ढंककर रखा जाना है लेकिन शहर में कई ऐसे इलाके देखने में आए हैं, जहां व्यापक तौर पर निर्माण सामग्री को खुले में रखा जा रहा है। वहीं, सरकारी कार्यों में भी प्रदूषण से बचाव मानकों की अनदेखी की जा रही है।
सेक्टर-15 व पटेल नगर के बीच स्थित सड़क में खुदाई का कार्य चल रहा है, जहां मिट्टी को खुले में रखा गया है। खुले में रखी मिट्टी के जरिये भी व्यापक तौर पर प्रदूषण फैलता है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसा पिछले काफी समय से चल रहा है लेकिन जिम्मेदार विभाग लगातार मामले की अनदेखी कर रहे हैं। वहीं, सोहना रोड पर अब भी व्यापक तौर पर धूल उड़ रही है लेकिन वहां पर पानी के छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। नगर निगम की तरफ से 40 वाटर स्प्रिंक्लर टैंकर शुरू किए गए थे लेकिन पानी का छिड़काव कहां किया जा रहा है, यह नगर निगम के अलावा कोई नहीं जानता।
29 लाख 70 हजार का जुर्माना
हालांकि, ईपीसीए द्वारा जारी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम जुर्माना लगा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम ने 15 अक्तूबर से 2 नवंबर के बीच ग्रैप का उल्लंघन करने पर 129 लोगों के खिलाफ 29 लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इनमें कचरा जलाने के मामले में 13 उल्लंघनकर्ताओं पर 65 हजार रुपये, सीएंडडी डंपिंग के मामले में 20 उल्लंघनकर्ताओं पर 5 लाख का जुर्माना किया गया है। कचरा फैलाने के मामले में 11 उल्लंघनकर्ताओं पर 55 हजार तथा निर्माण गतिविधियों में पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वाले एवं धूल उड़ाने वाले 80 उल्लंघनकर्ताओं पर 23 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।