फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: नोएडा के हादसे से सबक नहीं...खुले नाले, इंतजार हादसे का

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

नोएडा में इंजीनियर की मौत ने खोली प्रशासन की पोल, मंडरा रहा खतरा प्रशासन मौन


कुशाल रंगा
बादशाहपुर। नोएडा में बेसमेंट वाले गड्ढे में गिरकर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत ने पूरे एनसीआर को झकझोर कर रख दिया है। साथ ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। संवाद की टीम ने शहर में खुले नालों की पड़ताल की तो यहां भी कई जगह ऐसी हैं जहां नाले खुले पड़े हैं और प्रशासन ने हादसे से सबक लेकर भी इन नालों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

स्थान - गाडोली


12:05 बजे संवाददाता जब गाडोली पहुंचे तो गुरुग्राम में गाडोली के पास नाला खुला पड़ा हुआ नजर आया, जिस पर किसी प्रकार के कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं है। यहां रहने वाले राजदेव ने बताया कि शाम के समय इस रोड से गुजरने खतरे से खाली नहीं है, वाहन चालकों का इस नाले में गिरने का डर लगा रहता है।
विज्ञापन


स्थान बसई जोहड़

01:05 बजे बसई जोहड के किनारे से गुजरने वाली सड़क पर न तो रेलिंग दिखाई दी और न ही सफेद पट्टी। घने कोहरे के दौरान यहां वाहनों के सीधे जोहड़ में गिरने की आशंका बनी रहती है। जय किशन इस तालाब को लेकर बताते हैं कि इस जोहड़ पर रेलिंग लगने से काफी हद तक सुरक्षा सही हो जाएगी, प्रशासन को जल्द से जल्द इस पर रेलिंग लगाने का काम शुरू करना चाहिए।

स्थान सेक्टर-10

02:15 बजे सेक्टर-10 में भी नाले के दोनों ओर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं पाए गए। कहीं-कहीं टेप और बोर्ड लगाकर खानापूर्ति की है लेकिन कई जगह ये टेप टूट चुकी हैं और बोर्ड गायब हैं। मिलिंद आहुजा का कहना है कि सूचकांक ना होने से नाले का पता नहीं चल पाता है।

स्थान धनकोट नहर


03:20 बजे धनकोट नहर के पास पहुंचने पर देखा तो वहां भी सुरक्षा की धज्जियां उड़ती नजर आईं। अंधेरे या कोहरे में राहगीरों के लिए यहां गिरना मौत को दावत देने जैसा है। गांव के निवासी पूर्ण नैहरा ने बताया कि यह नहर की लंबे समय से बाउंड्री नहीं कराई गई है, इसके खुला पड़े रहने से बच्चों का इसमें गिरने का डर बना रहता है।

अंडरपास के लिए खोदे गए गड्डे में गिरकर हुई थी मौत
यह पहली बार नहीं है जब लापरवाही जानलेवा साबित हुई हो। 4 जनवरी 2021 को सरहोल बॉर्डर के पास अंडरपास के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से संजीव सेठ नामक युवक की मौत हो गई थी। बावजूद इसके शहर में खुले नालों के पास सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी है।
विज्ञापन

-
सभी प्रमुख मास्टर ड्रेन को कवर किया गया है। बादशाहपुर ड्रेन के रिहायशी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर फैंसिंग कराई जा रही है। सरफेस ड्रेन पर टीम नजर रख रही है। जहां पर किसी तरह की खामी पाई जाती है। उसे ठीक कराया जाता है। - प्रवक्ता, जीएमडीए, गुरुग्राम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें