366 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समय में पूरी हों। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने 366 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की।
शनिवार को नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने शहर में चल रहे विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, ड्रेनेज नेटवर्क, वर्षा जल निकासी, तालाबों के पुनर्जीवन, प्रॉपर्टी आईडी, राजस्व संग्रह और बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी ठेकेदार को उसकी क्षमता से अधिक कार्य आवंटित न किया जाए। यदि कोई एजेंसी निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मंत्री ने मानसून से पहले सड़क, सीवर और ड्रेनेज से जुड़े सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि मुख्य सड़कों और कॉलोनियों में लंबे समय तक खुदाई की स्थिति नहीं रहनी चाहिए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में निगम अधिकारियों ने बताया कि बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 366 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण, सीवरेज, पेयजल, जल निकासी, पार्कों के विकास, सौंदर्यीकरण तथा अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालय, नॉलेज सेंटर, नई सड़कें, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, सामुदायिक केंद्र और खेल सुविधाओं जैसी नई परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। राजस्व संग्रह की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम की आय में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, यश जालुका, रविंद्र यादव तथा नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
28 प्राथमिकता वाले तालाबों के पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान
नगर निगम गुरुग्राम ने प्रथम चरण में 28 प्राथमिकता वाले तालाबों के पुनर्जीवन एवं संरक्षण का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाया है। अतिक्रमण हटाने, डी-सिल्टिंग, गहराई बढ़ाने, तटबंधों को मजबूत करने तथा वर्षा जल की निकासी को तालाबों तक पहुंचाने जैसे कार्यों से कई तालाबों की जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसमें कादीपुर, समसपुर, साउथ सिटी-2, बेगमपुर खटोला, बादशाहपुर, धनवापुर, बसई दादा भैया, सरहौल एवं सुभाष नगर सहित अन्य तालाबों की डी-वाटरिंग एवं पुनर्जीवन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नूरपुर झाड़सा, बसई गांव और धनकोट के तालाबों पर कार्य जारी है। दूसरे चरण में 52 अन्य तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पौधरोपण, वॉकिंग ट्रैक, बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, सोलर लाइट, ओपन जिम समेत अन्य जनसुविधाएं विकसित की जाएगी।