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Gurugram News: बाढ़सा एम्स के आसपास बसेंगे नए सेक्टर, मेट्रो और छह लेन रोड का भी प्लान

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एचएसवीपी ने फर्रुखनगर और बाढ़सा में बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की
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भू-स्वामी ई-भूमि पोर्टल पर 31 अगस्त तक जमीन देने के लिए दर्ज करा सकते हैं रुचि

मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने झज्जर के बाढ़सा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) एम्स के आसपास रिहायशी और व्यावसायिक सेक्टर विकसित करने की योजना तैयार की है। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने फर्रुखनगर और बाढ़सा में बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित गांवों के भू-स्वामी ई-भूमि पोर्टल पर 31 अगस्त तक अपनी जमीन देने के लिए रुचि दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो को ढांसा बस स्टैंड से बाढ़सा एम्स तक विस्तार देने का प्रस्ताव है। इसके लिए डीएमआरसी की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, गुरुग्राम के सेक्टर-102 से बाढ़सा एम्स तक छह लेन की नई सड़क बनाने की भी योजना है।
गुरुग्राम-बादली रोड स्थित बाढ़सा एम्स (आरोग्यधाम बाढ़सा) के आसपास अभी योजनाबद्ध आवासीय सेक्टर विकसित नहीं हैं। ऐसे में मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों को गुरुग्राम, बहादुरगढ़ या अन्य क्षेत्रों से आवागमन करना पड़ता है। वहीं, एम्स के आसपास तेजी से अवैध कॉलोनियां भी विकसित हो रही हैं। इसे देखते हुए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से आसपास के गांवों की जमीन लेकर योजनाबद्ध शहरी विकास करने का निर्णय लिया है। एचएसवीपी के अनुसार, दूसरे चरण में प्रदेश के 13 शहरों में लगभग 33 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। इनमें आरोग्यधाम बाढ़सा (एनसीआई-एम्स) के आसपास स्थित बाढ़सा, मुंडाखेड़ा और देवरखाना गांवों की करीब 2046.82 एकड़ जमीन शामिल है। इन गांवों के किसान 31 अगस्त तक ई-भूमि पोर्टल पर अपनी सहमति दर्ज करा सकते हैं। इस जमीन पर आधुनिक आवासीय, संस्थागत और व्यावसायिक सुविधाओं से युक्त नया शहरी क्षेत्र विकसित किया जाएगा। बाढ़सा क्षेत्र में पांच आवासीय और दो व्यावसायिक सेक्टर विकसित करने की योजना है।
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गुरुग्राम का शहरी विस्तार पटौदी और फर्रुखनगर की ओर बढ़ रहा
इसी प्रकार गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर क्षेत्र में भी नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए मुबारिकपुर, फर्रुखनगर और सुल्तानपुर गांवों की करीब 1203.52 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। गुरुग्राम का शहरी विस्तार तेजी से पटौदी और फर्रुखनगर की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में एचएसवीपी इस परियोजना को भविष्य की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहा है। गुरुग्राम में पहले चरण में करीब 200 एकड़ जमीन देने के लिए किसानों ने रुचि दिखाई है। संपदा अधिकारी राकेश सैनी ने बताया कि ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन लेने की योजना है। गुरुग्राम में पहले चरण में 200 एकड़ जमीन देने के लिए किसानों ने रुचि दिखाई है।


नूंह जिले में भी योजनाबद्ध शहरी विकास की तैयारी कर रही
प्रदेश सरकार नूंह जिले में भी योजनाबद्ध शहरी विकास की तैयारी कर रही है। इसके तहत नल्हड़ महादेव मंदिर के आसपास नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इस योजना में नल्हड़, नूंह, जाखोपुर, खेड़ला, डूंडाहेड़ी, फिरोजपुर नमक और सालाहेरी गांव शामिल हैं। इन गांवों की करीब 1197.91 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने का प्रस्ताव है। केएमपी और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनने से नूृंह पहुंचना आसान हुआ है।
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नल्हड़ मंदिर को देखते हुए धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जिला मुख्यालय नूंह से करीब तीन किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों में स्थित ऐतिहासिक नल्हड़ महादेव शिव मंदिर की धार्मिक मान्यता काफी अधिक है। मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान अरावली क्षेत्र में समय बिताया था। सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इस क्षेत्र का योजनाबद्ध शहरी विकास भी करना चाहती है। अभी नूंह में कोई सेक्टर नहीं है।

इन गांवों की ली जानी है जमीन
फर्रुखनगर - मुबारिकपुर, फर्रुखनगर और सुल्तानपुर गांव - 1203.52 एकड़
नूंह - नूंह, जाखोपुर, खेड़ला और नल्हड़, डूंडाहेडी, फिरोजपुर नमक और सालाहेड़ी - 1197.61 एकड़
अरोग्यधाम बाढ़सा- बाढ़सा, मुंडाखेड़ा और देवर खाना - 2046.82 एकड़
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