गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को गुरुग्राम विश्वविद्यालय के नए मॉडल का अनावरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम विश्वविद्यालय में निरंतर चल रहा है। इस मौके पर कुलपति डॉक्टर मार्कण्डेय आहूजा ने नए मॉडल के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। कहा कि आने वाले दिनों में इसकी पहचान ज्ञान केंद्र के रूप में होगी।
उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की परिकल्पना के अनुसार, यहां शिक्षा के विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मौके पर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति डॉ. राजबीर सिंह व गुरुग्राम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार तथा डिप्टी रजिस्ट्रार आदि मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय के नए परिसर का हो रहा निर्माण
कुलपति ने कहा कि गुरुग्राम विश्वविद्यालय का नया परिसर गांव कांकरौला के सेक्टर-87 में बन रहा है। विश्वविद्यालय का मास्टर प्लान भगवान गणेश के आकार के जैसा तैयार किया गया है। मास्टर प्लान में एडमिन्सिट्रेशन ब्लॉक, ऑडिटोरियम, फैकल्टी हाउस बिल्डिंग , फार्मास्यूटिकल साइंस ब्लॉक, फिजियोथेरेपी ब्लॉक, लाइफ साइंस ब्लॉक, साइंस ब्लॉक, इंजीनियरिंग ब्लॉक, कामर्स एंड मैनेजमेंट ब्लॉक, ह्यूमिनिटी एंड साइंस ब्लॉक, लॉ ब्लॉक, यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर, एनिमल हाउस ब्लॉक, वर्कशॉप, सेंट्रल लाइब्रेरी, इनोवेशन सेंटर, एथलेटिक्स ट्रैक, हॉकी मैदान, बॉस्केटबाल व बैडमिंटन कोर्ट, वीसी रेजीडेंस, कर्मचारी आवास, छात्र और छात्रावास, सर्विस ब्लॉक, पार्किंग और कैंटीन शामिल की गई हैं। अगले तीन सालों में यह विश्वविद्यालय पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।